SBI ने लॉकर होल्डर्स को दिया यह मैसेज, जल्द ही इस काम को पूरा करने को कहा!
एसबीआई लॉकर नियम: देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक State Bank of India ने उन ग्राहकों को विशेष संदेश भेजा है जो वास्तविक बैंकों में लॉकर है। बैंक ने अपने लॉकर धारकों को कहा है कि वह बैंक के लिंक पर पहुंच गए हैं और नए लॉकर एग्रीमेंट को जल्द ही साइन कर देंगे। बैंक ने लॉकर एग्रीमेंट को रिवाइज करके जानकारी दी है कि हम अपने सभी ग्राहकों से यह आग्रह करते हैं कि वह नए लॉकर एग्रीमेंट को साइन करने के लिए जल्द ही जारी करें। साइन करने से पहले ग्राहक नए एग्रीमेंट नोटिस को जरूर पढ़ें।
इंटरनेट ने लॉकर पर साइट्स को सर्कुलर बताया है
रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वह अपने कम से कम 50 प्रतिशत लॉकर धारक से 30 जून, 2023 तक नई कृषि पर हस्ताक्षर करें। वहीं 30 सितंबर से 75 प्रतिशत और 31 दिसंबर 100 प्रतिशत ग्राहकों से नए लॉकर कृषि पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके साथ ही सभी संबंधित ग्राहकों को नए कृषि के विवरण के बारे में सूचना देने के लिए भी कहा गया है। सभी साक्षरता को आरबीआई के दक्ष पोर्टल पर अपने लॉकर एग्रीमेंट के स्टेटस की जानकारी भी अपडेट करनी होगी।
खाताधारकों को जाना होगा चार्ज-
हिजाब है कि ग्राहकों को लॉकर किस क्षेत्र में स्थित है और कितना बड़ा है कि उस पर चार्ज समाप्त हो जाएगा। निशान का छोटा और मध्यम आकार का लॉकर के लिए 500 रुपये और अलग से दिखता है। वहीं लार्ज लॉकर के लिए 1000 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क और गैर गैर जिम्मेदार है।
जानिए शहरों और लॉकर के आकार से लॉकर रेंट चार्ज-
- चिह्नित छोटे लॉकर शहरी या मेट्रो शहर में 2,000 रुपये और जाम देंगे।
- वहीं छोटे शहरों या ग्रामीण क्षेत्रों में हैम लॉकर के लिए 1,500 और गेट शुल्क देना होगा।
- वहीं अलग का आकार का लॉकर शहरी या मेट्रो शहर में लेने पर 4,000 रुपये और अजनबी होंगे।
- वहीं छोटे शहर या ग्रामीण इलाकों में मध्यम आकार का लॉकर लेने पर आपको 3,000 रुपये और ग्राह्य होंगे।
- निशान के बड़े आकार के लॉकर के लिए बड़े और मेट्रो शहरों में ग्राहकों को 8,000 रुपये और गैर-शुल्क देना होगा।
- वहीं छोटे और ग्रामीण शहर में आपको 6,000 रुपये का शुल्क और अटारी देना होगा।
- निशान के सबसे बड़े लॉकर को बड़े शहरों या मेट्रो सिटी में लेने पर 12,000 और अजनबी होंगे।
- वहीं छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्र में आपको 9,000 रुपये और घास पड़ेंगे।
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