Shahjahanpur News: राममंदिर आंदोलन में जिले के 3500 लोग गए थे जेल

राजीव सिंह
शाहजहांपुर। अयोध्या में श्रीराम लला का मंदिर बन सके, इसके लिए संघर्ष का दौर काफी लंबा रहा। अब जब रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होने जा रही है तो वे लोग बहुत खुश हैं जिन्होंने संघर्ष के दौर में खुद को तन, मन और धन सभी तरह से इसके लिए समर्पित किया था। जिले के ऐसे करीब 3500 लोग थे, जो राममंदिर आंदोलन के दौरान जेल गए थे।
ब्रज प्रांत से विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष राजीव सिंह के अनुसार 30 अक्तूबर 1990 को अयोध्या में प्रथम कारसेवा की तिथि तय की गई थी। अयोध्या से रामज्योति को सभी जिलों में भेजा गया था। उस वक्त 18 अक्तूबर को दीपावली थी, इसलिए आह्वान किया गया कि दीपावली के दीप को रामज्योति से जलाएं और कारसेवा के लिए अयोध्या आएं। लोग अयोध्या पहुंचते उससे पहले ही गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो गया तब पुवायां से करीब 200 लोगों ने गिरफ्तारियां दीं। इस तरह से जिले के अन्य ब्लॉकों से भी लोगों ने गिरफ्तारी दी थीं। पूरे जिले से गिरफ्तारी देने वालों की संख्या 3500 के करीब थी। शहर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजाराम मिश्रा, रमेश चंद्र सक्सेना के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने गिरफ्तारी दी थी। जबकि, उन्होंने अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में चौक कोतवाली पहुंचकर गिरफ्तारी दी। उनके साथ उदयवीर सिंह, अजय सिंह व राजू भी थे। उन लोगों को रात में कोतवाली के हवालात में रखा गया। अगले दिन सुबह बरेली के जीजीआईसी में बनाई गई अस्थायी जेल में बंद कर दिया गया। वे लोग जेल में ही थे, तभी दो नवंबर को तत्कालीन सपा सरकार में मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर अयोध्या में कारसेवकों पर गोलियां चलवा दी गईं। इससे जेल में बंद लोगों में आक्रोश पनप उठा। जेल तोड़ने और अयोध्या चलने का आह्वान हुआ। काफी हंगामा होने पर जेल में बंद रामभक्तों पर लाठीचार्ज करवा दी गईं। इससे सभी को काफी चोटें आईं थीं जब मामला शांत हुआ, तो आठ नवंबर को जेलों में बंद सभी रामभक्तों को छोड़ा गया। इसके बाद हर साल विवादित ढांचा विध्वंस के दिन छह दिसंबर को शौर्य दिवस के रूप में मनाने के साथ ही कारसेवकों और रामभक्तों का सम्मान किया गया। यह कार्यक्रम कई सालों तक चला।
इन लोगों ने भी दी थीं गिरफ्तारियां
– शहर से वीरेश सिंह, सुचित सेठ, ग्राम पंचायत बड़ागांव से कमलेश सक्सेना, विपिन सक्सेना, नाहिल गांव के वेदप्रकाश वाजपेयी, जुझारपुर के संतोष त्रिवेदी, अजीत वाजपेयी, जेवां से जीवन लाल आचार्य, रामकिशन कटियार, अंबिका प्रसाद, जीतप्रसाद आदि ने भी गिरफ्तारी दी थी।