Shahjahanpur News: 39,335 लोगों को मिला प्रशिक्षण, 9009 सेवायोजित
शाहजहांपुर। व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत रोजगारपरक अल्पकालीन प्रशिक्षण दिलाकर हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार तथा स्वरोजगार में स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका जिले के तमाम युवाओं का लाभ दिया मिल चुका है।
जिले में राजकीय आईटीआई में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत कोर्स कराए जाते हैं। इनमें कंस्ट्रक्शन सेक्टर में असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन, फोरमैन इलेक्ट्रीशियन वर्क, अपेरल सेक्टर में सैंपलिंग टेलर, पैटर्न मास्टर, सेल्फ इंप्लाई टेलर, आईटी सेक्टर में डोमेस्टिक डाटा इंट्री ऑपरेटर, योग वेलनेस ट्रेनर, ड्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर में ब्यूटी थेरेपिस्ट के कोर्स शामिल हैं। यह कोर्स घंटे के आधार पर संचालित होते हैं, जोकि तीन से चार माह की अवधि में पूरे हो पाते हैं।
कौशल विकास मिशन का लक्ष्य
कौशल विकास मिशन का लक्ष्य 14 से 35 आयश्के कम से कम 8वीं पास लोगों का प्रशिक्षण के जरिए जीवन स्तर में सुधार व आय क्षमता में वृद्धि करना। आठवीं से कम पढ़े लिखे लोगों को भी प्रशिक्षण देने की व्यवस्था रखना। कमजोर एवं पिछड़े तबके के लोगों को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाना, जिससे वह इस प्रशिक्षण के जरिए किसी भी क्षेत्र में शुरुआती स्तर की नौकरी प्राप्त कर सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं, अल्पसंख्यक समुदाय तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विशेष रूप सेलक्षित किया जाना है।
वित्तीय वर्ष वार सेवायोजन की स्थिति
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2013-14 में 27 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन सेवायोजन की स्थिति शून्य रही। वित्तीय वर्ष 2014-15 में 3133 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दिया और तीन प्रशिक्षार्थी सेवायोजित हुए। वित्तीय वर्ष 2015-16 में 2368 प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण लिया, कोई सेवायोजित नहीं हो सका। वित्तीय वर्ष 2016-17 में 2698 को प्रशिक्षण मिला, इनमें से 281 सेवायोजित हुए। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4582 ने प्रशिक्षण लिया, 473 सेवायोजित हो गए। 2018-19 में 6813 के सापेक्ष 2255 सेवायोजित हुए। 2019-20 में 2988 में 925, 2020-21 में 5961 के सापेक्ष 3816, 2021-22 में 6948 में 678, 2022-23 में 3817 में 578 को सेवायोजित किया गया है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत संचालित कोर्स में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही सेवायोजन का लाभ भी प्रशिक्षार्थियों को मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2018 से 2023 तक 39335 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इनमें से 9009 सेवायोजित हुए हैं। – नागेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य, आईटीआई