Shahjahanpur News: भारी बारिश से 15 साल बाद उफनाई भैंसी नदी

भैंसी नदी के पास डूबा ट्रक और ऊपर खड़ा चालक
पुवायां। मंगलवार रात से बुधवार सुबह दस बजे तक हुई भारी बारिश से भैंसी नदी उफान पर आ गई। नदी में करीब 15 साल बाद धार बही है। खुटार-पुवायां मार्ग पर नदी के पुल के पास एक ट्रक डूब गया। चालक और हेल्पर ने ट्रक के ऊपर चढ़कर जान बचाई। बाद में उन्हें बाहर निकाला गया।
तेज बारिश के कारण भैंसी नदी में करीब 15 साल बाद पानी आया है। एनएच-731 लखनऊ-पलिया नेशनल हाईवे पर खुटार-पुवायां के बीच भैंसी नदी पर पुल बन रहा है। नदी सूखी होने के कारण पुल के बगल से आने-जाने के लिए पक्का रास्ता बना दिया गया था। बुधवार को इस रास्ते पर 20 फिट तक पानी भर गया। पानी के बीच सुबह पांच बजे धान लदा ट्रक बंद हो गया। निगोही के अशफाकनगर निवासी चालक कुलदीप सिंह और सिंधौली के मियांपुर गांव के रहने वाले हेल्पर शोभित ट्रक के ऊपर चढ़ गए। लगभग तीन घंटे बाद ट्रक को जेसीबी से और चालक-हेल्पर को गोताखाेरों ने रस्सी की मदद से निकाला।
हाईवे पर भैंसी नदी से गोमती नदी के बीच लगभग पांच किमी क्षेत्र में कई जगह हाईवे के ऊपर से पानी बह रहा है। इस कारण आवागमन ठप हो गया है। कई जगह रोड भी कट गई है। पुलिस ने खुटार और पुवायां में वाहन रोक कर बंडा की ओर से निकलवाए। रोडवेज बसों को भी बंडा से घूमकर आना पड़ा। इससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
फोटो- 13 में है
दो हजार हेक्टेयर धान की फसल डूबी, मकानों में भरा पानी
भारी बारिश के चलते पुवायां तहसील क्षेत्र में लगभग खुटार के बीच लगभग दो हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल डूब गई है। जहां पर तेज बहाव है, वहां धान के बह जाने का खतरा है। अगर खेतों में पानी भरा रहा तो हाल ही रोपे गए धान को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। पकी खड़ी मक्का की फसल को भी नुकसान पहुंचा है, लेकिन गन्ने की फसल को लाभ हुआ है। गांव गंगसरा के पश्चिम की तरफ तमाम मकानों में पानी भर गया है। इससे लोगों का घरेलू सामान भी खराब हो गया है।
फोटो- 14 में है।
बेहटा संवात में गिरा ढाई सौ साल पुराना बरगद का पेड़
पुवायां। भारी बारिश के बीच तेज हवा चलने से गांव बेहटा संवात में ढाई सौ साल पुराना बरगद का पेड़ गिर गया। गांव के लोग यहां पूजा-अर्चना भी करते थे। पेड़ रात में गिरा, जिस कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
गंगसरा बिजली उपकेंद्र बना तालाब, बिजली सप्लाई ठप
गांव गंगसरा के बिजली उपकेंद्र में कई फिट तक पानी भर गया है। इस कारण बिजली सप्लाई बंद कर देनी पड़ी है। उपकेंद्र के सभी फीडर ठप हैं और बिजली सप्लाई सुचारू होने में दो से तीन दिन लग सकते हैं।
तमाम रास्ते, पुलिया भी बहे, नलकूप भवन ढहे
भारी बारिश के बाद पानी के तेज बहाव से कई स्थानों पर कच्चे रास्ते खड़ंजे कटकर बह गए हैं। सिरयाली फार्म से नत्थापुर जाने वाला रास्ता कट गया है। यहां तेज धार चल रही है। बंडा में गांव खखरा बुजुर्ग के पास रोड कट गया है और पुलिया भी बह गई है। कई किसानों के नलकूप भवनों को भारी नुकसान पहुंचा है। कुछ ही दीवारें धंस गई हैं। कई गांवों को जाने वाले रास्तों के ऊपर से पानी बह रहा है।
भैंसी नदी में मिट्टी और मलबा भरने से बिगड़े हालात
पुवायां। भैंसी नदी के पुल के पास बनी साइड रोड पर ट्रक के डूबने का बड़ा कारण नदी में मिट्टी और मलबा डाला जाना भी रहा।
लखनऊ पलिया हाईवे पर शाहजहांपुर से खुटार के बीच निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कंपनी के कर्मचारियों ने कुछ दिन पूर्व तमाम मलबा और मिट्टी पुल के पास नदी में डालकर नदी को पाट दिया था। एसडीएम ने ठेकेदार के कर्मचारियों से मलबा हटाने को कहा था। मलबा नहीं हटाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भी मलबा नहीं हटाया गया और एसडीएम ने कोई कार्रवाई करने की भी जरूरत भी नहीं समझी।
बुधवार सुबह बंडा की ओर से नदी में पानी बढ़ना शुरू हुआ और पुल के पास मलबे के कारण आगे की ओर नहीं बढ़ सका। इस कारण पुल के पास रोड पर लगभग 20 फिट ऊंचाई तक पानी भर गया। ट्रक चालक पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा सका। इस कारण बीच में आकर ट्रक डूब गया। संवाद

भैंसी नदी के पास डूबा ट्रक और ऊपर खड़ा चालक

भैंसी नदी के पास डूबा ट्रक और ऊपर खड़ा चालक

भैंसी नदी के पास डूबा ट्रक और ऊपर खड़ा चालक

भैंसी नदी के पास डूबा ट्रक और ऊपर खड़ा चालक

भैंसी नदी के पास डूबा ट्रक और ऊपर खड़ा चालक

भैंसी नदी के पास डूबा ट्रक और ऊपर खड़ा चालक

भैंसी नदी के पास डूबा ट्रक और ऊपर खड़ा चालक