Shahjahanpur News: खोदाई के बाद बारिश ने मुसीबत बढ़ाई, सड़कों पर फिसलन

पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस से गोविंदगंज की ओर जाने वाले मार्ग पर हुई कीचड़ से होकर निकलते वाहन। संव
शाहजहांपुर। सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़कों की वजह से वैसे ही शहरवासी मुसीबत झेल रहे थे, रही-बची कसर रविवार रात और सोमवार को दिनभर रुक-रुककर हुई रिमझिम बारिश ने पूरी कर दी। खोदाई के बाद सड़कों पर छोड़ी गई मिट्टी कीचड़ में तब्दील होने से फिसलन बढ़ गई है।सोमवार को सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी बारिश की संभावना जताई है।
बारिश की वजह से सबसे ज्यादा कीचड़ पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस से गोविंदगंज की ओर जाने वाले मार्ग पर रही। यहां सीवर लाइन डालने का काम जल्दी में ही हुआ था। गड्ढों को मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। इसकी वजह से इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर ही नहीं, वाहन चालक भी परेशान रहे। यही हाल टाउनहाल में गांधी भवन के सामने से सदर बाजार चौराहा जाने वाले मार्ग और लाल इमली चौराहा से रोडवेज के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग वाली रोड का रहा। इन सड़कों को भी सीवर लाइन डालने के बाद मिट्टी और बजरी डालकर छोड़ दिया गया था। मिट्टी के कीचड़ में तब्दील होने के बाद राहगीर और वाहन चालक इधर से गुजरने के दौरान फिसलते रहे। मोहनगंज में संकट मोचन हनुमान मंदिर से गुरुद्वारा कुटिया साहिब जाने वाले मार्ग को भी ठीक नहीं किया गया। इस पर जगह-जगह कीचड़ है।
गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद
शाहजहांपुर। बारिश से अधिकतम तापमान में नौ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इससे दिन में ठंड बढ़ गई। बारिश से गेहूं, सरसों और सब्जियों को फायदा होगा।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार रात से लेकर शाम चार बजे तक पांच मिलीमीटर बारिश हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक 7.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस रहा था। रविवार के मुकाबले सोमवार को अधिकतम तापमान में नौ डिग्री सेल्सियस गिरावट और न्यूनतम तापमान में 2.2 डिग्री की वृद्धि हुई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को भी बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी की संभावना है। इससे अधिकतम करीब पांच डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि बूंदाबांदी और तापमान गिरने से गेहूं, दलहनी और तिलहनी फसलों के साथ सब्जियों को भी फायदा है। लोग गेहूं की फसल में पानी लगाने का इंतजाम कर रहे थे। अब उनको इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।
आलू के कृषक बरतें सावधानी
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी ने कहा कि आलू के कृषक सावधानी बरतें। वर्तमान में तापमान में कमी के साथ वर्षा होने के कारण आपेक्षिक आर्द्रता 85 से 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बादल रहने के कारण आलू की फसल में झुलसा रोग आने की संभावना है। कृषि विज्ञान केंद्र की फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. नूतन वर्मा ने कृषकों को आलू में फफूंद नासी दवा का छिड़काव करने की सलाह दी है।

पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस से गोविंदगंज की ओर जाने वाले मार्ग पर हुई कीचड़ से होकर निकलते वाहन। संव