Shahjahanpur News: 33 केवीए की लाइन में ब्रेकडाउन, दो उपकेंद्रों से बिजली गुल
शाहजहांपुर। रोजा से आने वाली 33 केवीए लाइन बृहस्पतिवार को करीब तीन बजे ब्रेक डाउन हो गई। इसके चलते अब्दुल्लागंज और दीवान जोगराज उपकेंद्र की सप्लाई बाधित हो गई। बिजली की सप्लाई बहाल नहीं होने पर इंटरकनेक्ट सिस्टम के जरिये लाइन को जोड़कर सप्लाई दी गई। टीम को लाइन गश्त के दौरान 33 केवीए का जंफर जला मिला।
रोजा से आने वाली 33 केवीए लाइन से अब्दुल्लागंज और दीवान जोगराज उपकेंद्र को सप्लाई दी जाती है। दोनों उपकेंद्र पर करीब 18 हजार कनेक्शनधारक है। दिन में तीन बजे 33 केवीए लाइन ब्रेकडाउन हो गई। इसके चलते दोनों उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। एसएसओ ने लाइन लगाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
इसके बाद अधिकारियों को सूचना दी गई। करीब एक घंटे के बाद अब्दुल्लागंज उपकेंद्र को ककरा और दीवान जोगराज को हथौड़ा उपकेंद्र से जोड़कर सप्लाई दी गई। लेकिन, दोनों ओर क्षमता से अधिक लोड होने के कारण बिजली की आवाजाही होती रही। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली निगम की टीम ने लाइन गश्त शुरू की तो हरदोई बाईपास के पास 33 केवीए लाइन का जंपर जला मिला। उसे सही करने के बाद करीब सात बजे बिजली की आपूर्ति को बहाल किया गया ।
अस्पताल कॉलोनी की चार घंटे बिजली गुल
अब्दुल्लागंज उपकेंद्र को ककरा से जोड़कर अन्य मोहल्लों को बिजली दे दी गई, लेकिन राजकीय मेडिकल कॉलेज की अस्पताल कॉलोनी में सप्लाई नहीं जोड़ी गई। बताते हैं कि मरीजों को देखते हुए अन्य लाइन से आपूर्ति बहाल कर दी थी, लेकिन कॉलोनी को नहीं जोड़ा गया। इसके चलते डॉक्टर व अन्य स्टाफ परेशान होता रहा। इन्वर्टर डाउन हो गए। गर्मी में लोग परेशान हो गए। लोगों को काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ा। वहीं शाम साढ़े सात बजे फिर बिजली गुल हो गई।
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ग्रामीण इलाकों में नहीं सुधरी व्यवस्था
शहर के साथ ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। गांवों में शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके चलते उनके उद्योग धंधे चौपट हो गए हैं। फसलों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। इस वजह से लोग काफी ज्यादा परेशान हैं।
बिजली कटौती व ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे उद्यमी
शाहजहांपुर। राइस मिलर्स एसोसिएशन ने अटसलिया फीडर पर आने वाली ट्रिपिंग की समस्या पर नाराजगी जताई। ट्रिपिंग से औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन कार्य बाधित हो रहा है। इसके चलते उद्यमियों को नुकसान हो रहा है।
अध्यक्ष हरिकिशोर गुप्ता ने प्रबंध निदेशक को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि तीन साल से 132 केवीए से 24 घंटे बिजली की आपूर्ति मिलती थी। अब सारे उद्योग ग्रामीण फीडर से जोड़ देने देने से से दिक्कत आ रही है। इस साल रोस्टरिंग का समय तय नहीं है। उसके ऊपर से ट्रिपिंग भी परेशान कर रही है। 24 घंटे में 10 घंटे रोस्टरिंग होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके चलते उद्योग चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने फीडर को अलग किए जाने की मांग की है। संवाद