Shahjahanpur News: हफ्ते में एक दिन बाजरे की खिचड़ी खाएंगे बच्चे
शाहजहांपुर। अब स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में मिलेट्स (मोटे अनाज) को भी शामिल किया जाएगा। हफ्ते में एक दिन बाजरे की खिचड़ी परोसी जाएगी। साथ ही दाल व सब्जी रोज खाने में मिलेगी। इसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय किरण आनंद ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिले में 2720 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें पौने चार लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। वर्तमान में मिड-डे-मील के मैन्यू के अनुसार सप्ताह में सभी दिन अलग-अलग तरह का भोजन दिया जाता है। बच्चों को कुछ दिन दाल तो कुछ दिन सब्जी परोसी जाती है। सोमवार को रोटी-सब्जी और मौसमी फल दिए जाते हैं। सब्जी में सोयाबीन या दाल की बरी के प्रयोग के निर्देश हैं।
मंगलवार को दाल-चावल, बुधवार को तहरी और दूध, बृहस्पतिवार को गेहूं की रोटी और दाल, शुक्रवार को सोयाबीन की बरी वाली तहरी, शनिवार को चावल और सोयाबीन युक्त सब्जी परोसी जाती है। एमडीएम को लेकर अब नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें मोटे अनाज के लिए बाजरा की खिचड़ी को मैन्यू में शामिल किया गया है। वहीं, प्रतिदिन दाल और सब्जी दोनों दिए जाने का भी प्रस्ताव है। शीघ्र ही एमडीएम का नया मैन्यू जारी होगा।
प्रदेश सरकार दे रही मोटे अनाज को बढ़ावा
पौष्टिक भोजन के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया है। इसके तहत ही देश भर में मोटे अनाज को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार लगातार मोटे अनाज को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। इसी के तहत एमडीएम में भी मोटे अनाज को शामिल करने की कवायद शुरू की गई।
पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराना उद़्देश्य
परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई कर रहे पहली से आठवीं तक के बच्चों को पोषण युक्त बेहतर भोजन उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से मोटे अनाज परोसे जाने का निर्णय हुआ है। ताकी बच्चों में कुपोषण की समस्या उत्पन्न न हो। सरकार एमडीएम योजना के तहत बच्चों को बेहतर खाना देने की कवायद में जुट गई है। बीएसए रणवीर सिंह ने बताया कि पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के भोजन में पोषक मोटा अनाज को शामिल किया जाएगा।