Shahjahanpur News: ट्रॉमा सेंटर की स्थिति सुधरी, वार्डों में मरीजों को नहीं मिल रहे बेड

शाहजहांपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डॉक्टर के चैंबर के बाहर लगी भीड़। संवाद
शाहजहांपुर। जल और मच्छरजनित बीमारियों के प्रकोप के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। बाहर से आने वालाें को व्यवस्थाएं बेहतर दिखाने के लिए ट्रॉमा सेंटर की स्थिति बेहतर कर दी गई है। वहीं वार्डों में मरीजों को बेड तक मिलना मुश्किल है। दूसरी ओर पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने तक के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
वायरल बुखार के प्रकोप के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर की तस्वीर समाचार पत्रों के जरिये सामने आने के बाद डीएम ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी। तब से ट्रॉमा सेंटर में एक बेड पर दो मरीज लेटे नजर नहीं आ रहे, लेकिन वार्डों में मरीजों को बेड तक जल्दी नसीब नहीं हो पा रहा। ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों को अंदर शिफ्ट किया जा रहा है, जहां रोगियों को वार्ड में अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा है।
जल्दी छुट्टी करने का रहता है प्रयास
वार्डों में बेड को खाली कराने के लिए डॉक्टर दिन में तीन बार वार्डों के चक्कर लगा रहे हैं। मरीज के रिकवर होते ही उसे समय से पहले छुट्टी देने का प्रयास किया जा रहा।
ओपीडी में बदहाल व्यवस्था
वायरल बुखार के प्रकोप के चलते ओपीडी की व्यवस्था नहीं सुधर रही है। एक दिन के अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर 1334 मरीज ओपीडी में पहुंचे। बताते हैं कि सुबह मौसम खराब होने के चलते मरीज कम आए हैं। फिर भी पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लाइन लगी रही। इंटरनेट बाधित होने से मरीज परेशान रहे। डॉक्टर के चैंबर के बाहर भी मरीजों की लाइन लगी रही।
यह होने थे काम, पर हाथ लगी मायूसी
ओपीडी में पर्चा काउंटर पर मरीजों की भीड़ को देखते हुए रेलिंग लगवाने व महिला और बाल रोग विभाग को नए भवन में शिफ्ट करने को अधिकारियों ने कहा था, लेकिन यह अब तक नहीं हो सका। इसके चलते एक चैंबर में चार फिजिशियन बैठकर मरीजों का उपचार करते हैं, जहां पर मरीजों को खड़े होने तक की जगह नहीं बचती।
मरीज के रिकवर होने पर छुट्टी कर दी जाती है। मरीज की छुट्टी होने पर दूसरे रोगी को बेड मिलने में आसानी होती है। बुखार के चलते काफी मरीज अस्पताल में आ रहे हैं।
– डॉ. नेपाल सिंह, सीएमएस