Shahjahanpur News: दो दिन घर में रखा शव, एफआईआर की कॉपी मिलने पर की अंत्येष्टि

राधेश्याम का फाइल फोटो
शाहजहांपुर। हादसे में मौत के बाद बाइक सवार युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करने से आक्रोशित परिजन दो दिन तक शव घर में रखे रहे। नेशनल हाईवे को जाम करने की चेतावनी के बाद पुलिस आनन-फानन मौके पर पहुंची। करीब चार बजे बाइक सवार पर केस दर्ज हुआ तब शव का अंतिम संस्कार किया गया।
सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के गांव कैलहा निवासी राधेश्याम (55) बृहस्पतिवार शाम खेत से लौट रहे थे। कैलहा तिराहे पर गांव के श्यामू ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद राधेश्याम के पुत्र गिरंद ने थाने में तहरीर दी। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। गिरंद के पुत्र पुष्पेंद्र के अनुसार तहरीर लेने के बाद उन्हें टरकाया गया। बाइक नंबर लेकर बाद में आने के लिए कहा गया। शनिवार दोपहर तक परिजन इंतजार करते रहे। पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर परिजन भड़क गए और शव को नेशनल हाईवे पर रखकर जाम लगाने के लिए चल दिए। इस बीच थाना प्रभारी रोहित सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए अंतिम संस्कार करने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। तहरीर के आधार पर सेहरामऊ दक्षिणी थाने में शनिवार को तीन बजकर 51 मिनट पर आरोपी श्यामू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे की कॉपी हाथ में आते-आते अंधेरा होने के चलते अंतिम संस्कार नहीं किया गया। ऐसी स्थिति में पुलिस ने दो होमगार्ड की ड्यूटी मृतक के घर के बाहर लगाई। रविवार को दोपहर में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
राधेश्याम के पौत्र पुष्पेंद्र की पत्नी रक्षा गर्भवती हैं। रविवार को राधेश्याम के अंतिम संस्कार के बाद रक्षा की तबीयत बिगड़ गई। शाम को परिजन उसे लेकर ददरौल सीएचसी ले गए जहां से उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
– हादसे का मुकदमा दर्ज करने में देरी नहीं की जाती है। यदि ऐसा हुआ है तो मामले की जानकारी की जाएगी।
सुधीर जायसवाल, एसपी सिटी

राधेश्याम का फाइल फोटो