Shahjahanpur News: ढाईघाट पर श्रद्धालुओं ने किया गंगास्नान व तर्पण

ढाईघाट में पितृ आगमन (भाद्रपद पूर्णिमा) पर गंगास्नान करते श्रद्धालु। संवाद
मिर्जापुर। ढाईघाट गंगातट पर भाद्रपद (पितृ आगमन) की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा मैया में डुबकी लगाई। इसके बाद गंगा पुरोहितों के मंत्रोच्चारण के बीच जल तर्पण कर पूर्वजों को आमंत्रित किया गया।
ब्रह्ममुहूर्त से शुरू हुआ गंगा स्नान का क्रम दोपहर तक चलता रहा। गंगा स्नान और तर्पण के साथ ही लोगों ने ब्राह्मणों को दान-पुण्य किया। फिर गंगातट पर लगे मेले का भ्रमण किया। मेले में प्रसाद, पूजा, शृंगार सामग्री के साथ धार्मिक पुस्तकों की बिक्री के लिए कई दुकानें लगीं थीं। श्रद्धालुओं ने प्रसाद के रूप में श्रृंगार और पूजा सामग्री की खरीदारी कर चाट-पकौड़ी और गरमा गरम जलेबी का आनंद लिया।
वहीं, गंगा में बाढ़ के कारण जल मटमैला होने के चलते भीषण गर्मी में श्रद्धालु पीने के साफ पानी के लिए भटकते रहे। चाट-पकौड़ी और जलेबी का स्वाद लेने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगातट से करीब एक किलोमीटर दूर संतों के स्थायी आश्रमों में लगे हैंडपंपों से अपनी प्यास बुझाई।
तहबाजारी वसूलने के बावजूद जिला पंचायत प्रशासन नहीं करता कोई इंतजाम
ढाईघाट के मेलों से जिला पंचायत को कार्तिक, माघ और दशहरा मेलों में तहबाजारी की वसूली और पशु मेले में पशुओं की खरीद फरोख्त में प्रतिवर्ष लाखों रुपये की आय होती है। फिर भी जिला पंचायत प्रशासन प्रत्येक माह की अमावस्या और पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा मेलों में पेयजल तक की व्यवस्था नहीं करता है। जिससे गंगातट पर गर्मी के मौसम में श्रद्धालुओं को पेयजल के लिए भटकना पड़ता है।

ढाईघाट में पितृ आगमन (भाद्रपद पूर्णिमा) पर गंगास्नान करते श्रद्धालु। संवाद