Shahjahanpur News: एचआईवी से घबराएं नहीं… दवा खाएं, रहें स्वस्थ

शाहजहांपुर। एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियंसी वायरस) और एड्स (एक्वायर्ड इम्यून डेफिशियंसी सिंड्रोम) का नाम सुनकर ही लोग दहशत में आ जाते हैं, लेकिन नियमित दवाओं के सेवन से मरीज स्वस्थ और लंबी जिंदगी जी सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग उनकी निगरानी भी करता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, संक्रमण को खत्म करने के लिए अभी कोई दवा विकसित नहीं हुई है, इसलिए सावधानी और बचाव के जरिये ही रोग की चपेट में आने से बचा जा सकता है।
विश्व एड्स दिवस आज है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेपाल सिंह बताते हैं कि एचआईवी से ग्रसित होने के चलते शरीर में प्रतिरोधक क्षमता खत्म होने के चलते तमाम बीमारियां घेर लेती हैं। एचआईवी ही आगे चलकर एड्स में बदल जाता है। यह छूने से नहीं होता है। कुछ सावधानी बरतकर एचआईवी से बचा जा सकता है। एचआईवी संक्रमित होने के बाद भी नियमित दवा के सेवन से सामान्य जिंदगी व्यतीत की जा सकती है।
एचआईवी संक्रमण के कारण
-एचआईवी संक्रमित व्यक्ति से यौन संबंध से बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
-संक्रमित महिला से शिशु को जन्म से पूर्व, प्रसव के समय या प्रसव के बाद होने की संभावना रहती है।
-संक्रमित पर इस्तेमाल सिरिंज का इस्तेमाल करने से भी रोग हो सकता है।
-एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति के अंग प्रत्यारोपण से मर्ज हो सकता है।
यह बरतें सावधानी
-अपने जीवन साथी के अतिरिक्त किसी अन्य से यौन संबंध नहीं बनाएं।
– यौन संपर्क के दौरान कंडोम का प्रयोग करें।
-नशे के आदी व्यक्ति के प्रयोग में ली गई सिरिंज का उपयोग नहीं करें।
-रक्त की जरूरत पड़ने पर रजिस्टर्ड ब्लड बैंक से ही रक्त लें।
-दूसरे व्यक्ति का प्रयोग किया ब्लेड आदि का इस्तेमाल नहीं करें।
केस एक-
नगर के एक मोहल्ले में रहने वाला 22 वर्षीय युवक एचआईवी की चपेट में आ गया। लक्षण महसूस होने पर उसने जांच कराई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। युवक पूरी तरह से जिंदगी से हार मानने लगा तो उसकी काउंसलिंग की गई। दवा शुरू होने के बाद वह अब सामान्य जीवन जी रहा है।
केस दो
भावलखेड़ा का 25 वर्षीय युवक किन्नराें के संपर्क में आने के बाद एचआईवी से संक्रमित हो गया। जांच में पुष्टि होने के बाद उसकी व परिजन को बुलाकर काउंसलिंग की गई। दवाओं के जरिये लंबा जीवन जीने का भरोसा दिलाते हुए उसका उपचार शुरू कराया गया। अब वह अपना सामान्य जीवन जी रहा है।
लगातार बढ़ रहे एचआईवी के मरीज
एचआईवी के मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा। वर्ष 2021 में 9330 मरीजों की काउंसलिंग की गई थी। इनमें 4944 पुरुषों व 4386 महिलाओं के टेस्ट किए गए। 30 पुरुष व आठ महिलाओं समेत 38 लोग पॉजिटिव मिले थे। इसी तरह वर्ष 2022 में 14018 लोगों की काउंसलिंग की गई। इनमें 6671 लोगों के टेस्ट हुए थे। 27 पुरुष व आठ महिलाओं में एचआईवी की पुष्टि हुई। इसी तरह वर्ष 2023 में 15600 मरीजों की काउंसलिंग हुई। इसमें 36 पुरुषों व 13 महिलाओं समेत 53 लोग एचआईवी से ग्रस्त मिले हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा 68 मरीजों का इलाज
सीएमएस डॉ. नेपाल सिंह ने बताया कि जांच में पुष्टि होने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीज की काउंसलिंग की जाती है। इसके बाद दवा शुरू कर दी जाती है। शाहजहांपुर में लगभग 68 मरीजों की नियमित रूप से दवा चल रही है।