Shahjahanpur News: ड्रैगन फ्रूट बदल देगा किसानों की तकदीर, सरकार दे रही मदद

अल्हागंज में ड्रैगन फ्रूट के खेत में खड़े अंशुल मिश्रा
शाहजहांपुर। लखनऊ, बरेली और दिल्ली आदि में बढ़ती मांग को देखते हुए ड्रैगन फ्रूट की खेती से आम किसानों को भी जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। शासन से उद्यान विभाग को ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए दो हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। छोटे किसानों को अनुदान देकर उन्हें इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
वर्तमान में जिले में करीब 20 किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। परंपरागत खेती से हटकर कुछ किसान बड़े पैमाने पर तो कई किसान छोटे स्तर पर ड्रैगन फ्रूट के जरिये अपनी आय को दोगुना कर रहे हैं। ड्रैगन फ्रूट की मांग बरेली, लखनऊ और दिल्ली समेत कई बड़े राज्यों में होने के चलते जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर इसे कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए दस हेक्टेयर की मांग जिला स्तर से शासन से की गई थी। वहां से शुरुआती चरण में दो हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। इसके तहत इकाई लागत एक लाख 25 हजार में 30 हजार रुपये पौधशाला सामग्री के लिए अनुदान मिलेगा। (संवाद)
एक हेक्टेयर में लगेंगे पांच हजार पौधे
ड्रैगन फ्रूट की खेती कराने के लिए एक हेक्टेयर में पांच हजार पौधे लगाएं जाएंगे। चूंकि, जिले को कम लक्ष्य प्राप्त हुआ है इसलिए छोटे-छोटे किसानों को जोड़कर उन्हें इसका लाभ दिलाया जाएगा।
कई रोगों में लाभकारी है ड्रैगन फ्रूट
ड्रैगन फ्रूट डायबिटीज, कोलस्ट्राल, बीपी और ह्दय के मरीजों को लाभ पहुंचाता है। अल्हागंज के चिलौआ निवासी आदित्य मिश्रा व उनके बेटे अंशुल मिश्रा ने पांच एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती की हुई है। उन्होंने करीब 22 हजार पौधे लगा रखे हैं। आदित्य बताते हैं कि लोकल स्तर पर ड्रैगन फ्रूट 250 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। स्थानीय बाजार के अलावा पड़ोसी जिलों में ड्रैगन फ्रूट की बिक्री करते हैं।
किसानों को ड्रैगन फ्रूट की उन्नतिशील प्रजाति की खेती कराई जाएगी। उसके लिए किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। किसानों को अनुदान भी मिलेगा।
– राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी

अल्हागंज में ड्रैगन फ्रूट के खेत में खड़े अंशुल मिश्रा
