Shahjahanpur News: मरीज बढ़ने से व्यवस्था धड़ाम, एक बेड पर हो रहा दो का इलाज

शाहजहांपुर में राजकीय मेडिकल काॅलेज के ट्रामा सेंटर में एक बेड पर लेटे दो मरीज
शाहजहांपुर। बैक्टीरियल संक्रमण से लोग वायरल बुखार, डायरिया समेत कई तरह के रोगों की चपेट में आने लगे हैं। मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर से बेड को लेकर मारा-मारी है। ऐसे में एक बेड पर दो मरीजों को लिटाकर उपचार किया जा रहा।
जिला अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा नहीं हुआ है। अस्पताल में आने के बाद मरीजों को कदम-कदम पर दुश्वारियों से जूझना पड़ता है। मंगलवार को 1537 मरीजों के नए पर्चे बनाए गए। पुराने पर्चे मिलाकर करीब चार हजार से अधिक लोग ओपीडी में पहुंचे। इनमें सबसे अधिक जनरल मेडिसिन के चैंबर के सामने भीड़ लगी रही।
सुबह करीब दस बजे एक मात्र डॉक्टर होने के चलते मरीजाें को दवा प्राप्त करने के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ा। इसी तरह ट्रामा सेंटर की व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। ट्रामा सेंटर में मरीजों को बेड के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार को करीब डेढ़ बजे लखीमपुर के पसगवां से आईं बुखार पीड़ित नीरज को बेड पर लिटा दिया गया। उनके पास ही करंट की चपेट में आई शहर की शिखा को बेड पर लिटा दिया गया। मरीजों ने बताया कि काफी देर से वार्ड में उन्हें अंदर शिफ्ट नहीं किया गया। इसी तरह पेट दर्द से परेशान निगोही की मोना देवी के बेड पर मरीज तौलेराम को बेड पर बैठाकर उपचार किया जा रहा।
बेड नहीं खाली, वार्ड में भेजने से कर रहे गुरेज
अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के अधिकारियों के सारे दावे कोरे साबित हो रहे हैं। गत दिनों डीएम के निरीक्षण के बाद वार्ड बनाकर 30 अतिरिक्त बेड का इंतजाम किया था। उसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी है। इकनौरा गांव से आए राम किशोर व हनुमत धाम की विमला ने बताया कि कई घंटे के बाद भी उन्हें वार्ड में नहीं भेजा जा रहा।
इंटरनेट की रफ्तार धीमी, पर्चा बनवाना तक मुश्किल
राजकीय मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पर्चा बनवाना ही जंग जीतने के समान है। सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को दुश्वारियों से जूझना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन ने पांच काउंटर बनाकर कंप्यूटर लगाए हैं। इंटरनेट की रफ्तार धीमी होने के चलते पर्चा बनवाने में काफी दिक्कत आती है। इंटरनेट फेल होने के चलते आए हंगामा होता रहता है।
मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने में समय लगने के चलते एक बेड पर दो मरीजों को लिटाया गया होगा। कंप्यूटर पर पर्चे बनने में काफी ज्यादा डिटेल भरने के चलते समय लग रहा है।
– डॉ. नेपाल सिंह, सीएमएस

शाहजहांपुर में राजकीय मेडिकल काॅलेज के ट्रामा सेंटर में एक बेड पर लेटे दो मरीज

शाहजहांपुर में राजकीय मेडिकल काॅलेज के ट्रामा सेंटर में एक बेड पर लेटे दो मरीज