Shahjahanpur News: मंडपों में शुरू हुआ दुर्गोत्सव, उमड़े श्रद्धालु
खिरनीबाग धर्मशाला, कालीबाड़ी व ओसीएफ इस्टेट के मंदिर में लगा मां का दरबार
शाहजहांपुर। श्री दुर्गा पूजा कमेटियों की ओर से नगर में कई स्थानों पर परंपरागत ढंग से मां भगवती के मंडप सजाए गए हैं। इन मंडपों में विधि विधान से मां भगवती की दिव्य प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। षष्ठी पूजन के साथ दुगोत्सव की शुरुआत हो गई।
शहर में खिरनीबाग स्थित लाला राम चरन लाल धर्मशाला, कालीबाड़ी मंदिर, ओसीएफ इस्टेट के लक्ष्मी नारायण मंदिर आदि स्थानों पर शारदीय नवरात्र के अवसर पर मइया के दरबार सजाए गए हैं। मंडपों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मां दुर्गा की पूजा कर उनका आशीष लिया। खिरनीबाग धर्मशाला श्री सार्वजनिक दुर्गोत्सव में शुक्रवार को षष्ठी पूजन के साथ माता के भव्य दरबार का अनावरण किया गया।
अनुष्ठान का शुभारंभ नारियल फोड़ कर किया गया। इसी तरह से ओसीएफ इस्टेट स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में 68वें सार्वजनिक दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत हो गई। ओसीएफ के वरिष्ठ महाप्रबंधक अखिलेश कुमार ने विधिवत पूजन अर्चन किया।
24 अक्तूबर को महादशमी पूजन होगा। इसके बाद देवी मां की प्रतिमा के विसर्जन की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस मौके पर संयुक्त महाप्रबंधक सुधीर कुमार मीना, अनु सक्सेना, प्रकाश प्रभाकर आदि मौजूद रहे।
मां कात्यायनी का पूजन कर अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की कामना
शाहजहांपुर। शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की गई। घरों व मंदिरों में मां कात्यायनी का आवाहन किया गया। इसके बाद अज्ञारी देकर दुर्गा सप्तशती का पाठ हुआ।
शहर के ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों में सुबह से ही देवी मां के दर्शन और पूजन को श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। जहां पुजारियों ने देवी मां का पूजन करवाया। इसके साथ ही मंदिर में आरती और भजन कीर्तन हुए। महिलाओं ने ढोलक की थाप पर भजन गाए। घरों में भी भजन कीर्तन किया गया। चौक मंडी स्थित दुर्गा देवी मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि ऋषि कात्यायन की पुत्री होने के कारण देवी के छठे स्वरूप का नाम कात्यायनी रखा गया। इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करने से शीघ्र विवाह का वरदान मिलता है। संवाद

