Shahjahanpur News: प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं की निराशा दूर कर खिसकती जमीन बचाने की कवायद
हारे प्रत्याशियों को निराश न होने का दिया भरोसा, लोकसभा चुनाव में जुटने का आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के साथ पार्टी में नई ऊर्जा फूंकने का प्रयास किया। दो दिवसीय दौरे का उद्देश्य लोकसभा चुनाव से पहले विधानसभा चुनाव में हारे प्रत्याशियों का मनोबल ऊंचा करना और कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को नए सिरे से जुटने का संदेश देना रहा।
जिले में सपा की स्थिति 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद से लगातार बिगड़ती चली गई। बसपा से गठबंधन के बावजूद 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा को मात खानी पड़ी। वहीं 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा का जिले में सूपड़ा साफ हो गया था। छह सीटों में एक भी सपा के हाथ में नहीं आई।
इसी साल जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में प्रत्याशी वीनू सिंह भाजपा के पाले में खड़ी हो गईं थीं। 2023 के महापौर के चुनाव में सपा प्रत्याशी अर्चना वर्मा भाजपा में चली गईं। दोनों ही चुनाव में सपा को बुरी तरह मात खानी पड़ी। वहीं पार्टी संगठन की आपसी कलह भी खुलकर सामने आ गई थी।
कई कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया। लगातार निराशा हाथ लगने से सपा समर्थक भी मायूस हो गए थे। हालत यह थी कि सपा को कार्यकर्ता मिलने मुश्किल हो गए थे। दो दिन के दौरे में सपा सुप्रीमो अखिलेश ने हारे हुए प्रत्याशियों को निराशा के सागर से बाहर निकालने का प्रयास किया।
वह लगभग सभी पूर्व प्रत्याशियों के घर पहुंचे। कटरा से राजेश यादव, पुवायां से उपेंद्रपाल, तिलहर से रोशनलाल वर्मा, शाहजहांपुर से तनवीर खां चुनाव लड़े थे। अखिलेश यादव बारी-बारी से सभी के घर गए। उनसे हार के कारणों पर चर्चा की।
भरोसा दिलाया कि आने वाला समय सपा का है इसलिए पूरी शिद्दत से लोकसभा चुनाव में जुट जाएं। चुनाव में जीत मिलेगी तो हालात बदल जाएंगे। इस दौरान अखिलेश शहर के प्रतिष्ठित लोगों से भी मिले। उनका सहयोग मांगा। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी निराश नहीं किया। उनसे मिले, हालचाल पूछा। लोकसभा चुनाव के लिए जुटने का निर्देश दिया।