Shahjahanpur News: कूड़े से बिजली बनी न खाद को मिल रहे खरीदार

नगर निगम कार्यालय
शाहजहांपुर। कूड़े से बिजली बनाने की योजना सफल नहीं हो सकी। अब बन रही खाद का भी कोई सदुपयोग नहीं हो पा रहा। न तो इसका सीधे उपयोग किया जा सकता है और न ही कोई खरीदने में रुचि ले रहा है।
शहर में रोजाना 130 टन से अधिक कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए साल 2018 में ककरा स्थित डंपिंग ग्राउंड के पास ही जमीन को चिह्नित कर कूड़े से बिजली उत्पादन करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए नगर निगम ने एजी डॉटर्स नाम की कंपनी से समझौता किया था। इसके तहत कंपनी को कूड़े से बिजली बनानी थी, लेकिन दो साल तक कंपनी इस पर काम ही शुरू नहीं कर पाई।
कंपनी की ओर से सिर्फ कूड़े से खाद बनाने की मशीन लाकर डंपिंग ग्राउंड पर खड़ी कर दी गई, वह भी कुछ दिन में कूड़ा हो गई। बिजली उत्पादन का कार्य शुरू न होने पर नगर निगम ने साल 2020 में इस कंपनी से समझौता तोड़ लिया। इस तरह से बिजली से कूड़ा बनाए जाने की योजना फलीभूत नहीं हो सकी।
इसके बाद नगर निगम ने डंपिंग ग्राउंड पर कूड़े के निस्तारण को एमआरएफ सेंटर का निर्माण करवाया है, जहां पर कूड़े को अलग-अलग करने के साथ ही खाद बनाए जाने का कार्य भी किया जा रहा है, लेकिन इस खाद का भी कोई सदुपयोग होते नहीं दिख रहा। नगर निगम के अधिकारियों की माने तो अब तक 19 हजार टन खाद बनाई जा चुकी है।
गड्ढों को भरने के काम आई खाद
कूड़े से बनाई गई खाद सड़क और डंपिंग ग्राउंड पर गड्ढों को भरने के काम ही आ सकी। कुछ खाद को नगर निगम के पार्कों में भी डाला गया, लेकिन बताया जाता है कि खाद का सीधे उपयोग करने से पौधों व फसलों को नुकसान पहुंचता है। जिसकी वजह खाद का काफी गर्म होना है। वर्तमान समय में नगर निगम के एमआरएफ सेंटर पर जो खाद है, उसको बारिश के बाद उपयोग करने की योजना है। कहा जा रहा है कि बारिश के बाद यह ठंडी हो जाएगी और पौधों व फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाएगी।
खुलौली में बनाया जा रहा एमआरएफ सेंटर
ददरौल ब्लॉक के खुलौली गांव में नगर निगम की ओर से एक और एमआरएफ सेंटर का निर्माण करवाया जा रहा है। यहां पर भी गीले व सूखे कूड़े को अलग किया जाएगा। उसमें पॉलिथीन, कांच, लोहा, तार आदि को अलग करके रिसाइकल हो सकेगा। कूड़े से छनने वाली मिट्टी से खाद बनाई जाएगी।
90 रुपये ट्रॉली में मिल सकेगी कूड़े से बनी खाद
कूड़े से बनी खाद को बेचने के लिए नगर निगम की ओर से इसका मूल्य भी निर्धारित किया गया है। जोकि बाजार में मिलने वाली खाद से काफी कम रखा गया है। नगर निगम वर्कशॉप प्रभारी हरिवंश दीक्षित ने अनुसार 90 रुपये ट्रॉली के हिसाब से खाद खरीदी जा सकती है। इसके लिए एमआरएफ सेंटर पर संपर्क करना होगा।
जिस कंपनी के साथ समझौता किया गया था, उसकी कमी के चलते कूड़े से बिजली बनाए जाने की योजना सफल नहीं हो सकी। इसलिए बाद में समझौता खत्म कर दिया गया। अब कूड़े से खाद बनाई जा रही है। जिसका पार्कों में प्रयोग हो रहा है। जिसको जरूरत होती है, वह लेकर जा सकता है। – संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त