Shahjahanpur News: गैरइरादतन हत्या में दो सगे भाइयों को उम्रकैद
शाहजहांपुर। गैरइरादतन हत्या के मामले में न्यायालय ने दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मुकदमे के एक आरोपी को बाल अपचारी घोषित किया गया, जबकि एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। इसी मुकदमे के क्रॉस केस में दो दोषियों को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। सजा का यह आदेश जनपद न्यायाधीश भानुदेव शर्मा ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खुदागंज थाना क्षेत्र के कंधरापुर नवदिया निवासी वीरेश सिंह ने 15 मार्च, 2006 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वीरेश ने बताया कि उसका भाई विदेश सिंह होली मिलने गांव में जा रहा था, तभी गांव के मुन्नू सिंह की बाइक से उसकी टक्कर हो गई। दोनों में विवाद के बाद भाई विदेश घर चला आया।
दोपहर 3:45 बजे मुन्नू सिंह और उसका भाई रामऔतार, सुखवीर सिंह, एक नाबालिग असलहा लेकर उसके घर आ गए। वह, उसका चचेरा भाई जैनेंद्र सिंह और मां सावित्री देवी दरवाजे के पास खड़े थे। तभी हमलावरों ने फायरिंग कर दी। फायरिंग में उसकी मां और जैनेंद्र सिंह को गोली लग गई। इलाज के दौरान जैनेंद्र की मृत्यु हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
वहीं, दूसरी ओर गांव के रनजीत सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि रास्ते में विदेश सिंह से विवाद के बाद मुन्नू अपने घर चला गया था। तभी जगतपाल और उसका भाई वीरेश उसके घर आए और असलहे से फायरिंग कर दी। इसमें शिवकुमार घायल हो गया। वादी की तहरीर के आधार पर वीरेश, जैनेंद्र और जगतपाल के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
जैनेंद्र की मृत्यु के बाद पुलिस ने वीरेश और जगतपाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत भेजा। सत्र न्यायालय में दोनों वाद चलने के दौरान गवाहों के बयानात और जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष त्रिपाठी के तर्क सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश ने मुन्नू सिंह और रामऔतार सिंह को गैरइरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 26-26 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सुखवीर सिंह की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी। दूसरे मुकदमे में वीरेश और जगतपाल सिंह को दोषी पाते हुए सात-सात साल के कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।