Shahjahanpur News: आढ़तों पर दाम ज्यादा… किसानों ने सेंटरों से बनाई दूरी, जिम्मेदार बेसुध

पुवायां मंडी परिसर में सेंटर के नाम पर लगा केवल बैनर (फाइल फोटो)। संवाद
पुवायां। जिम्मेदारों के लापरवाही बरतने और आढ़तों पर ज्यादा रेट मिलने के कारण गेहूं खरीद लक्ष्य का मात्र 1.727 प्रतिशत ही हो सकी है। जिम्मेदार अधिकारियों ने भी खरीद पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। आढ़तों पर समर्थन मूल्य के सापेक्ष लगभग बराबर भाव मिलने पर किसानों ने सरकारी खरीद से मुंह मोड़ लिया।
जिले में 194 सरकारी क्रय केंद्र में गेहूं की खरीद की गई थी। पुवायां तहसील क्षेत्र में सरकारी गेहूं खरीद के लिए कुल 66 और मंडी परिसर में कुल 28 क्रय केंद्र खोले गए थे। वहीं बंडा मंडी परिसर में 24 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए थे। शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रुपये प्रति क्विंटल रखा था। आढ़तों पर नकद में 2050 रुपये से लेकर 21 सौ रुपये तक गेहूं खरीद होने से किसानों ने सेंटरों की अपेक्षा आढ़तों पर गेहूं बेचने को वरीयता दी।
यही कारण रहा कि एक अप्रैल से छह अप्रैल तक आढ़तों और राइस मिलों में गेहूं की 70 हजार क्विंटल खरीद कर डाली गई, जबकि सेंटरों पर खरीद नाममात्र की रही। यही हाल गेहूं खरीद के अंत तक रहा। जिम्मेदार अधिकारी, सेंटर प्रभारी और लेखपाल प्रयास करते और किसानों से संपर्क करते तो सेंटरों पर खरीद बढ़ सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और इसके लिए निजी क्षेत्र में ज्यादा रेट को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा।
प्रधानों के माध्यम से भी नहीं बढ़ी खरीद
शासन ने गेहूं खरीद की धीमी गति और लक्ष्य से काफी दूर रहने के कारण प्रधानों के माध्यम से खरीद कराने का प्रयास किया था। कहा गया था कि गेहूं खरीद में अच्छा सहयोग करने वाले प्रधानों को पुरस्कृत भी किया जाएगा, लेकिन जब तक इसकी घोषणा की जाती, तब तक गेहूं आढ़तों के माध्यम से बिक चुका था।
31 लाख क्विंटल था गेहूं खरीद का लक्ष्य
जिले भर में 31 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिलेभर में 48969 क्विंटल ही गेहूं की खरीद हो सकी है। इसमें खाद्य विभाग ने 23988, एएसीआई ने 2224, पीसीएफ ने 5429, यूपीएसएस ने 8646, यूपीसीयू ने 8229, मंडी समिति ने 275, नेफेड ने 177 क्विंटल गेहूं खरीद की है। कुल खरीद 1.72 प्रतिशत खरीद ही हो सकी है। कुल 853 किसानों को एमएसपी का लाभ मिला है।