Shahjahanpur News: बिना मुआवजा दिए कटान करने पहुंचे श्रमिक तो पेड़ से चिपका किसान
– शाहजहांपुर-पलिया हाईवे पर पैना से खुटार के बीच चल रहा है चौड़ीकरण का काम
– किसान बोले, बाईपास के लिए किसानों की जमीन की गई है अधिग्रहीत, पर नहीं मिला मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
खुटार। बिना मुआवजा दिए पेड़ काटने पहुंचे ठेकेदार को किसान ने पेड़ नहीं काटने दिए। किसान पेड़ से चिपक गया और कहा कि उसे काटने के बाद ही पेड़ काटे जा सकेंगे।
शाहजहांपुर पलिया हाईवे पर पैना से खुटार के बीच चौड़ीकरण के लिए काम चल रहा है। पुवायां और खुटार में बाईपास बनना है। बाईपास पर मिट्टी डाले जाने सहित अन्य कार्य चल रहे हैं। बाईपास के लिए कई किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है, लेकिन कई किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। इस कारण किसान निर्माण कार्य का विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पहले उनकी जमीन का मुआवजा दिया जाए, इसके बाद ही खेतों में कार्य किया जाए।
एक सप्ताह पूर्व व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष गुरुसेवक सिंह ने अपने खेत में ठेकेदार को मिट्टी डालने से रोक दिया था। उनको भी जमीन का मुआवजा नहीं मिला है। इसके बाद कर्मचारी रात में मिट्टी गिराकर चले गए। उनको मुआवजे का आश्वासन दिया जा रहा है। इसके अलावा खुटार के कृपाशंकर मिश्रा सहित कई किसान भी मुआवजे को लेकर परेशान हैं। कृपाशंकर के खेत में सागौन के दस पेड़ खड़े हैं। उनको मुआवजा दिए बिना ही रविवार को हाईवे के किनारे पेड़ कटाने में लगे ठेकेदार ने एक पेड़ कटवा डाला। जानकारी होने पर कृपाशंकर के भाई उत्तम मिश्रा मौके पर पहुंचे और बिना मुआवजा पेड़ काटे जाने का विरोध किया। वह एक पेड़ से चिपक गए और कहा कि बिना मुआवजा पेड़ नहीं काटने दिए जाएंगे। इसके बाद ठेकेदार के श्रमिक लौट गए। मुआवजे में देरी से किसानों में रोष है।
कृपाशंकर मिश्रा का कहना है कि उनके गाटा का सही नंबर गजट नहीं किया गया है। जमीन, पेड़ आदि का मुआवजा भी नहीं दिया गया है। वह कई बार सिटी मजिस्ट्रेट आदि से भी मिल चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उनके अलावा भी कई किसान मुआवजे के लिए परेशान घूम रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
दो बोरिंग और 30 पेड़ का नहीं मिला मुआवजा
खुटार में बंडा रोड निवासी महेंद्र सिंह की जमीन भी हाईवे के लिए अधिग्रहीत की गई है। उनके खेत में 30 पेड़ खड़े हैं और दो बोरिंग भी हैं। पेड़ों और बोरिंग का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। महेंद्र सिंह के खेत में खड़ा जामुन का पेड़ काट भी दिया गया है।
कुछ किसानों का मामला पेंडिंग है। उनके अंश निर्धारण के लिए शपथपत्र लेकर भिजवाए जाएंगे। जिससे मुआवजे की समस्या हल हो जाएगी। पेड़ों के बारे में जानकारी नहीं है। पता कराया जाएगा।
– हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां

