Shahjahanpur News: घरों में घुसा बाढ़ का पानी, ग्रामीणों ने ली अंत्येष्टि स्थल पर शरण

गंगा की बाढ़ से फिर जलमग्न हुआ लोहार नगला। संवाद
मिर्जापुर। क्षेत्र में गंगा का पानी एकबार फिर घरों तक पहुंच गया है। पैलानी गांव के कई परिवार घर खाली करके ऊंचाई पर बने गांव के अंत्येष्टि स्थल पर शरण लिए हुए हैं, तो वहीं कई परिवार गांव की सड़क पर आश्रय लिए हैं। वहीं कोलाघाट में रामगंगा नदी की बाढ़ का पानी खेतों की ओर बढ़ रहा है। इससे ग्राम बीघापुर, सिठौली, पूर्वी बीघापुर, अतरी, गंगा नगर, मौजमपुर, पहरुआ, कुनिया, कीलापुर, धिरोला मढैया, थाथरमई, उइला, चौंरा बगरखेत, कुड़री आश्रम, ककोड़ा, गहवरा, गहवरिया आदि गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
गंगा के बढ़ने से खादर के ग्राम मस्जिद नगला, कटैला नगला, पैलानी, बटन नगला, लोहार नगला, पकड़िया नगला, बांसखेड़ा चौतरफा घिर गए हैं। बाढ़ से घिरे गांवों में अब फिर पहुंचना कठिन हो गया है। इन गांवों में सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, आई फ्लू आदि तेजी से फैल रहा है। वहीं भरतपुर-बांसखेड़ा, चौंरा-इस्लामनगर, इस्लामनगर-कमथरी संपर्क मार्ग पर फिर बाढ़ का पानी तेजी से चल रहा है। इससे बाहरी लोगों का आवागमन बंद हो गया है।
वहीं जलालाबाद-ढाईघाट स्टेट हाईवे पर भी ग्राम चौंरा के निकट बाढ़ का पानी बह रहा है। इससे दोपहिया वाहनों का निकलना बंद हो गया है। लोहारनगला गांव के शिवराम शर्मा, आशीष शर्मा, गजेंद्र श्रीवास्तव, रामगोपाल आदि ने बताया कि फिर से गांव में पानी बढ़ने लगा है। बटननगला के कमलेश, पंचपाल, पिंकू यादव ने बताया कि शुक्रवार सुबह से गांव की सभी गलियों में बाढ़ का पानी भर चुका है। यदि इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो रात में पानी घरों में घुस जाएगा। मोती नगला के आदेश, राजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव पूरी तरह बाढ़ से घिर गया है। बांसखेड़ा के दिनेश सिंह और अभयपाल सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी दरवाजे तक आ गया है।
गंगा स्थिर, रामगंगा और गर्रा का बढ़ा जलस्तर
शाहजहांपुर। गंगा का जलस्तर स्थिर है और रामगंगा और गर्रा का बढ़ गया है। गंगा और रामगंगा और गर्रा नदी में पानी छोड़ा गया है। इससे दो दिन में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार को रामगंगा का जलस्तर 160.290 गेज था, जो शुक्रवार को बढ़कर 160.500 हो गया है। गर्रा का जलस्तर बृहस्पतिवार को 145.10 गेज था जो कि शुक्रवार को बढ़कर 146.15 गेज हो गया है। खन्नौत नदी के जलस्तर में भी मामूली वृद्धि हुई है। शुक्रवार को नरोरा बैराज से गंगा में 1,72,128 क्यूसेक, रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 52,413 क्यूसेक, गर्रा नदी में दियूनी बैराज से 26,950 क्यूसेक छोड़ा गया है।

गंगा की बाढ़ से फिर जलमग्न हुआ लोहार नगला। संवाद

गंगा की बाढ़ से फिर जलमग्न हुआ लोहार नगला। संवाद