Shahjahanpur News: अस्पतालाें में कई गुना बढ़े आई फ्लू के मरीज

आई फ्लू के मरीजों को देखते डाक्टर प्रपात। संवाद
शाहजहांपुर। बारिश के मौसम में अस्पतालों में वायरल बुखार, त्वचा रोगों के साथ ही सबसे अधिक मरीज आई-फ्लू के पहुंच रहे हैं। इसके सबसे ज्यादा शिकार बच्चे हो रहे हैं। डॉक्टर दवाई देने के साथ ही साफ-सफाई रखने और संक्रमित व्यक्ति से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में एक हफ्ते पहले तक रोजाना अमूमन 50 से 60 मरीज आई-फ्लू के पहुंच रहे थे। वर्तमान में 150 से 200 मरीज रोजाना आ रहे हैं। डॉ. प्रपात कनौजिया ने बताया कि मरीज को दवा देने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बरसात में अक्सर यह बीमारी फैलती है। ग्रामीण इलाकों में भी आई-फ्लू तेजी से फैल रहा है। स्कूलों में बच्चों के एक-दूसरे के संपर्क में आने से बीमारी फैल रही है।
अचानक 50 गुना हो गई मरीजों की संख्या
पुवायां। सीएचसी पर आने वाले मरीजों में 98 प्रतिशत आई फ्लू से पीड़ित हैं। नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. ब्रजेश मिश्रा ने बताया कि सामान्य दिनों में आई फ्लू से पीड़ित रोगी कभी कभार ही आता था। 27 जुलाई को पुवायां सीएचसी पर आई फ्लू केे 50 रोगी पहुंचे। 28 जुलाई को आंख के इलाज के लिए 65 लोग पहुंचे, इसमें 62 आई फ्लू से पीड़ित थे।
खुटार और बंडा में बढ़ रहे रोगी
खुटार। खुटार और बंडा के नेत्र परीक्षण अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि खुटार सीएचसी पर लगभग 30 लोग आंखों की परेशानी लेकर आ रहे हैं। इसमें 25 आई फ्लू से पीड़ित हैं। बंडा में लगभग 40 लोग आंख के इलाज के लिए आते हैं, इसमें 32 से 35 लोग आई फ्लू से पीड़ित होते हैं।
जलालाबाद सीएचसी पहुंच रहे 60-70 मरीज
जलालाबाद। आई फ्लू की चपेट में आने वाले 60 से 70 मरीज रोजाना सीएचसी पर पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग निजी अस्पतालों से भी इलाज करवा रहे हैं। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. अमित यादव के अनुसार संक्रामक होने की वजह से यह रोग तेजी से फैलता है। इससे पीड़ित व्यक्ति से घर के अन्य सदस्य बचाव रखने का प्रयास करें।
तिलहार
तिलहर। आई फ्लू से सबसे अधिक बच्चे
प्रभावित हैं। पिछले हफ्ते तक सीएचसी पर सामान्य तौर पर 400 से 500 मरीज आ रहे थे। अब मरीजों की संख्या 800 के पार हो गई है। डॉ. ऋतुराज ने बताया कि बुखार, खुजली से पीड़ित मरीजों अधिक आ रहे हैं। आई फ्लू के भी मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। नेत्र परीक्षण अधिकारी सचिन गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में लगभग 100 मरीज प्रतिदिन आई फ्लू के आ रहे हैं।
ऐसे करें अपना बचाव
– साफ-सफाई का रखें ध्यान
– बार-बार धोएं हाथ।
– आंखों को बार-बार न छुएं।
– किसी से भी अपना तौलिया, बिस्तर या रूमाल शेयर न करें।
– कॉन्टैक्ट लेंस से बचें।
– अपनी मर्जी से कोई भी दवा न लें।
– सार्वजनिक स्विमिंग पूल में जाने से बचें।
– संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रहें।
– संक्रमित व्यक्ति की किसी भी चीज का इस्तेमाल न करें।