Shahjahanpur News: फील्ड में नहीं गए खाद्य सुरक्षा अधिकारी, दो से जवाब तलब

फोटो 10, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की जनपद स्तरीय समिति की बैठक करते जिलाधिकारी।संवाद
शाहजहांपुर। डीएम उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि अधोमानक खाद्य पदार्थ पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। डीएम ने मई में कम नमूने लिए जाने पर दो खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
डीएम की अध्यक्षता में सोमवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद स्तरीय समिति की बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई। डीएम ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में मई तक किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि वृहद स्तर पर अभियान चलाकर खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को जागरूक किया जाए एवं अपंजीकृत खाद्य पदार्थाें के विक्रेताओं को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि सैंपलिंग बढ़ाई जाए और जांच में अधोमानक खाद्य पदार्थ पाए जाने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मई में अत्यंत कम सैंपलिंग होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल प्रताप सिंह और कृपा शंकर का जवाब तलब किया गया। उन्होंने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहित सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रवर्तन कार्रवाई एवं जागरूकता अभियान संबंधी गतिविधियां बढ़ाएं अन्यथा लापरवाही करने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक सप्ताह की गई गतिविधियों एवं कार्रवाई की समीक्षा किए जाने के निर्देश एडीएम प्रशासन को दिए।
री-यूज कुकिंग ऑयल को बायो डीजल बनाने वाली कंपनी को उपलब्ध कराए जाने की शून्य प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने मंडी में विक्रय के लिए आए फलों, विद्यालयों के बाहर ठेले पर खाद्य पदार्थों की सघन अभियान चलाकर जांच करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कटे फल, खराब फल, खराब खाद्य पदार्थ एवं खुले पदार्थों का विक्रय नहीं होना चाहिए। इस दौरान एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा, रेडक्रॉस से डाॅ. विजय जौहरी, व्यापार मंडल महानगर अध्यक्ष सचिन बाथम आदि मौजूद रहे।
जिन गांवों में काम पूरा, वहां
शुरू कराएं जलापूर्ति : डीएम
– जल जीवन मिशन की डीएम ने की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। जल जीवन मिशन के तहत जनपद में संचालित कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम उमेश प्रताप सिंह ने निर्देश दिए कि रेस्टोरेशन (सड़कों को पुरानी स्थिति में लाना) का कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में परियोजना का काम पूरा हो गया है, वहां जलापूर्ति शुरू कर दी जाए।
डीएम की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति के सभी सदस्य प्रत्येक माह पांच गांवों में रेस्टोरेशन कार्यों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण को निर्देश दिए कि वह प्रतिदिन एक गांव का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्रत्येक अवर अभियंता के माध्यम से प्रतिदिन तीन गांवों एवं प्रत्येक सहायक अभियंता द्वारा प्रतिदिन दो गांवों का स्थलीय निरीक्षण एवं रेस्टोरेशन कार्यों की जांच कराते हुए रिपोर्ट दें।
कहा कि जो लोग कनेक्शन लेने का विरोध कर रहे हैं, उन्हें इस योजना के लाभ के विषय में बताते हुए कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण को निर्देश दिए कि जिन गांवों में परियोजना का कार्य पूर्ण हो गया है, वहां जलापूर्ति तत्काल शुरू की जाए। इस दौरान सीडीओ एसबी सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण सनी सिंह आदि मौजूद रहे।