Shahjahanpur News: तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित
शाहजहांपुर। तिलहर थाना क्षेत्र के गांव सुनौरा अजमतपुर निवासी अशोक सिंह (55) की लाठियों से पीटकर हत्या करने के तीन आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाने का दावा किया है। दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं हैं। मृतक के बेटे विजय ने फरार आरोपियों से परिवार को खतरा बताते हुए सुरक्षा दिए जाने की मांग की है।
15 अप्रैल को ट्रॉली पलटने के चलते 14 लोगों की मौत के बाद सुनौरा अजमतपुर गांव सोमवार को फिर से सुर्खियों में आया था। पानी की टंकी लगाने को लेकर विवाद में तहेरे भाई व भतीजों ने गांव के अशोक सिंह की पीटकर हत्या कर दी थी। मृतक के पुत्र विजय सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेंद्र, अखिलेश, कमलेश, हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि तीन आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। मंगलवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया था। हत्यारोपियों को पंखे के नीचे कुर्सी पर बैठाए जाने पर पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगा था।
दोपहर बाद एसपी देहात के 24 घंटे में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। सीओ प्रयांक जैन ने बताया कि फरार आरोपी मिथलेश, नीलेश और सौरभ को पकड़ने के लिए चार टीमों का गठन किया। पुलिस ने रिश्तेदारी में भी दबिश दी है। शाम करीब छह बजे राजेंद्र के घर पर भी पुलिस पहुंची, लेकिन वहां से खाली हाथ लौट आई है।
पिता को दी दर्दनाक मौत, हमारे परिवार को भी खतरा
राजस्थान में निजी कंपनी में काम करने वाले अशोक सिंह का बेटा विजय पिता की मौत का वीडियो देखकर कांप गया। उसने बताया कि पिता को दर्दनाक मौत दी गई। उसे व परिवार को भी फरार आरोपियों से खतरा है, जो किसी भी समय मौका भांपकर नुकसान पहुंचा सकते हैं। विजय ने मांग की है कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, उसके घर पर दो कांस्टेबिल की तैनाती कर सुरक्षा दी जाए। विजय के अनुसार, उसने सीओ से मुलाकात की, पर उन्होंने जिलास्तरीय अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्या रखने की बात कहकर टाल दिया।
सोशल मीडिया पर दर्द लिखते थे अशोक, आरोपी करते थे कमेंट्स
अशोक सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते थे। उन्होंने राजेंद्र से पूर्व में हुए विवाद के बाद अपने मन की बात को सोशल मीडिया पर लिखना शुरू कर दिया था। उनकी फेसबुक पर आरोपी कमेंट्स करते थे। विजय के अनुसार, पहले भी आरोपियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की थी। इसलिए, उसके पिता ने उसे राजस्थान भेज दिया था।