Shahjahanpur News: बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में उल्टी-दस्त से चार साल के मासूम की मौत

बाढ़ से नाला बना भरतपुर-पैलानी संपर्क मार्ग बाढ़ से कट गया। संवाद
शाहजहांपुर/मिर्जापुर। गंगा की बाढ़ उतरने के बाद बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बीमारियां फैलना शुरू हो गईं हैं। शनिवार को ग्राम पैलानी उत्तर में शिक्षामित्र अनिल कुमार के ढाई वर्षीय पुत्र सिद्धांत की उल्टी-दस्त से मौत हो गई। इससे पहले भी एक बच्चे की मौत बुखार से हो चुकी है।
अनिल ने बताया कि शुक्रवार रात को उसके इकलौते बेटे को उल्टी-दस्त आना शुरू हो गए। वह रात में ही उसे लेकर मिर्जापुर के एक निजी डॉक्टर के क्लीनिक पर गया। डॉक्टर ने रात एक बजे रात तक इलाज किया। स्थिति में सुधार होने पर छुट्टी कर दी। वह सिद्धांत को लेकर घर आ गए। शनिवार सुबह उसे फिर लगातार दो-तीन उल्टी-दस्त आए। वह बेटे को लेकर मिर्जापुर जा ही रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। इससे पहले बुधवार को बाढ़ग्रस्त ग्राम मस्जिद नगला में नूर मोहम्मद की चार वर्षीय पुत्री आफरीन की बुखार से मौत हो चुकी है। इसके अलावा दो बच्चों सहित चार लोगों की गंगा की बाढ़ में डूबकर मौत हो चुकी है।
गांव में लगा स्वास्थ्य शिविर
पैलानी गांव में शिक्षामित्र अनिल के पुत्र सिद्धांत की मौत की जानकारी मिलने के बाद सीएचसी प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने एक बार फिर पैलानी और समीपवर्ती ग्राम पकड़िया नगला में स्वास्थ्य शिविर लगाकर रोगियों का परीक्षण किया। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि शनिवार को ग्राम पकड़िया नगला के स्वास्थ्य शिविर में 76 रोगियों का परीक्षण कर उन्हें दवाएं दी गईं। इनमें बुखार के 30 रोगियों की जांच के लिए स्लाइड बनाई गई। पैलानी गांव में दूसरे दिन के स्वास्थ्य शिविर में 72 रोगियों का परीक्षण कर दवा दी गई। 26 बुखार के रोगियों की जांच के लिए स्लाइड बनाई गई।
गंगा की बाढ़ से दर्जनों घर बर्बाद, बिजली नेटवर्क भी ध्वस्त
मिर्जापुर। गंगा की बाढ़ ने खादर क्षेत्र के लोगों के घर, सड़कें और विद्युत नेटवर्क ध्वस्त कर दिया है। बाढ़ उतरने के बाद भी कई परिवार तिरपाल के नीचे अंधेरे में रात काट रहे हैं। आवागमन के लिए कटरी इलाके की लगभग सभी सड़कें बाढ़ में बह गईं हैं।
लगभग दो माह तक जलमग्न रहे ग्राम आजाद नगर, इस्लामनगर, पैलानी उत्तर सहित कई गांवों के लोग घर छोड़कर आश्रय स्थल या इधर-उधर रहकर वक्त काट रहे हैं। इस बीच उनके झोंपड़ीनुमा घर भी बाढ़ और बारिश में नष्ट हो गए हैं। आजाद नगर के दिलशाद ने बताया कि गांव के आस मोहम्मद, पप्पू, आलेमन, फरजाना, रजीम, ताजबीना आदि दो दर्जन के करीब परिवार ढाईगांव स्थित आश्रय स्थल पर चले गए थे। इस बीच उनकी झोंपड़ियां बाढ़ के पानी में बह गईं। वे अब भी तिरपाल के नीचे रह रहे हैं।
इस्लामनगर गांव की रामबेटी ने रोते हुए बताया कि घर के नाम पर झोंपड़ी थी। वह भी बाढ़ में बह गई। इसके अलावा गांव की नाजमा, अनवर अली, मेहराज, अशरफ और पैलानी गांव की गुड्डी, ओमकार, सुरेश आदि के घर भी बाढ़ और बारिश ने तबाह कर दिए। अब उनके परिवार तिरपाल के नीचे रह रहे हैं।
संपर्क मार्ग कटने से आवागमन हुआ ठप
गंगा की बाढ़ से जलालाबाद-ढाईघाट स्टेट हाईवे, भरतपुर-पैलानी, कटैला नगला-इस्लामनगर, चौंरा-इस्लामनगर, बांसखेड़ा संपर्क मार्ग बाढ़ में जगह-जगह कट जाने से आवागमन नहीं हो पा रहा है। गंगा के खादर में भरतपुर-पैलानी, बांसखेड़ा संपर्क मार्ग लाइफ लाइन की तरह है। दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला यह मार्ग जगह-जगह बाढ़ में कटकर नाले का रूप ले चुका है। बाढ़ घटने के बाद भी इस मार्ग पर कई जगह तीन से चार फिट पानी भरा हुआ है। लोग खेतों के रास्ते निकल रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों ने दैवीय आपदा में गंवाए घरों के स्थान पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने और बाढ़ में नष्ट हुई सड़कों की शीघ्र मरम्मत और बिजली सप्लाई सुचारू किए जाने की मांग शासन-प्रशासन से की है।

बाढ़ से नाला बना भरतपुर-पैलानी संपर्क मार्ग बाढ़ से कट गया। संवाद

बाढ़ से नाला बना भरतपुर-पैलानी संपर्क मार्ग बाढ़ से कट गया। संवाद