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Shahjahanpur News: गंगा नदी खतरे के निशान पर पहुंची, 1.70 लाख क्यूसेक और छोड़ा पानी

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Ganga river reaches danger mark, 1.70 lakh cusecs more water released

जलालाबाद के अल्लादादपुर में रास्ता कटने के बाद भरे पानी से निकलते ग्रामीण। संवाद

शाहजहांपुर। गंगा नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। शुक्रवार को फिर से नरौरा बैराज से गंगा नदी में 1,70,574 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बृहस्पतिवार को भी एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया था। अगले दो दिन में गंगा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में छोड़े गए पानी से काफी नुकसान हो सकता है। जलालाबाद और मिर्जापुर क्षेत्र में पानी गांव के पास पहुंच गया है।

शुक्रवार को बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी हुई रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी भैसार ढाई घाट तटबंध का जलस्तर बृहस्पतिवार को 142.60 गेज था, जो कि शुक्रवार को 143.12 गेज हो गया है। खतरे का निशान 143.650 गेज है। यह खतरे के निशान के बिल्कुल करीब है। वहीं, गर्रा नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 145.90 गेज था, जो कि शुक्रवार को 145.95 हो गया है। रामगंगा और खन्नौत नदी का जलस्तर स्थिर है।

गंगा, रामगंगा और खन्नौत नदी में फिर छोड़ा गया पानी

गंगा नदी में बृहस्पतिवार को 1्र,45,780 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। शुक्रवार को नरौरा बैराज से गंगा नदी में 1,70,574 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने से गंगा नदी क्षेत्र में बाढ़ संभावित क्षेत्रों में हालात खराब होने की आशंका है। रामगंगा नदी में हरवेली बैराज, खो बैराज, फीका बैराज, ढेला बैराज, लालपुर बैराज से 88,581 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दियूनी बैराज से गर्रा नदी में 3,330 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे गर्रा का भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

बाढ़ आशंकित क्षेत्रों में बचाव कार्य का अभ्यास कराने के निर्देश

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन के निर्देश पर डीएम उमेश प्रताप सिंह ने बाढ़ संभावित क्षेत्र तहसील कलान में इस्लाम नगर में बाढ़ के कारण गांव में सूचना का प्रसारण करना और खाली कराने का अभ्यास करने के निर्देश दिए हैं। आजाद नगर पैरानी उत्तर में डूबते हुए व्यक्ति को बचाना और उसके उपचार की व्यवस्था करने के अभ्यास के निर्देश दिए हैं।

मुख्य रास्ते की मिट्टी बही, लोग परेशान

जलालाबाद। रामगंगा और बहगुल नदियों के बढ़े जलस्तर ने कोला पुल के समीप खादर में बसे अल्लादादपुर बैहारी, सिठौली बीघापुर व नवादा आदि गांवों तक दस्तक दे दी है। सबसे खराब हाल अल्लादादपुर बैहारी का है। यहां गांव तक जाने वाले मुख्य रास्ते की करीब दस मीटर मिट्टी पानी में बह गई है। इससे आने-जाने वालों को कमर तक गहराई में भरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। गांव वालों के अनुसार नदी बढ़ने के कारण तीन दिन पहले से ही इन गांवों के अधिकांश खेत-ख़लिहान पानी में डूब चुके हैं। बुधवार रात से बाढ़ का पानी बस्ती तक पहुंच गया है। रामफकीरे और हवलदार ने बताया कि गांव के चारों ओर पानी भरा हुआ है। पानी बढ़ने से यह बस्ती में घुस जाएगा जिसके बाद रहने और घरेलू सामान को बचाने की समस्या खड़ी हो जाएगी। पानी भर जाने से तिल और मूंगफली की फसल बर्बाद हो चुकी है। ज्यादा दिन पानी भरा रहा तब धान की फसल भी खराब हो जाएगी। अभी प्रशासनिक स्तर से अभी कोई सहायता उन लोंगो को नही मिली है। संवाद

ढाई घाट पर कांवड़ मेलास्थल और मुख्य मार्ग जलमग्न

मिर्जापुर। शुक्रवार को गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। ढाईघाट में गंगा की बाढ़ से कांवड़ मेलास्थल और मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है। इससे मेले में प्रकाश, पेयजल और संतों के आश्रम के समीप गौशाला में बनाया गया कांवड़ियों के लिए आश्रय स्थल जलभराव से अस्तव्यस्त हो गया है। शनिवार को सावन महीने की पहली तेरस पर्व पर शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए शुक्रवार को कांवड़िये बहुत कम संख्या में ढाईघाट में जल भरने पहुंचे। हालांकि पुलिस ने ढाईघाट मार्ग पर सुबह से ही भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया था। संवाद

जलालाबाद के अल्लादादपुर में रास्ता कटने के बाद भरे पानी से निकलते ग्रामीण। संवाद

जलालाबाद के अल्लादादपुर में रास्ता कटने के बाद भरे पानी से निकलते ग्रामीण। संवाद


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