Shahjahanpur News: गांवों में घुसा गंगा का पानी, मरीजों को ले जा रहे बैलगाड़ी से

आई फ्लू से पीड़ित आजादनगर निवासी रोगी को दवा दिलवाने बैलगाड़ी से ले जाते परिजन। स्त्रोत: बाढ़ पीड
शाहजहांपुर/ मिर्जापुर। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तटीय क्षेत्र में बसे गांवों में फिर से बाढ़ का पानी घुसने लगा हैं। सड़कों के कटने से गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत सामग्री नहीं पहुंचा पा रहे हैं। गांवों में बीमारी फैलने के कारण लोग किसी तरह स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच रहे हैं।
एक पखवाड़े से बाढ़ में घिरे आजाद नगर में चर्म रोग और आई-फ्लू तेजी से फैल रहा है। पीड़ित बैलगाड़ी से ढाईगांव में दवा लेने जा रहे हैं। मस्जिद नगला निवासी सत्तार, शेरुद्दीन, अयूब व शकील ने बताया कि बाढ़ से चौतरफा घिरे गांव में आजतक कोई अधिकारी-कर्मचारी उनके हालचाल लेने नहीं आया है, जो भी अधिकारी बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करने आता है, वह रोड पर बसे इस्लामनगर या आजादनगर को देखकर लौट जाता है।
इसी तरह बाढ़ पीड़ित ग्राम मोती नगला निवासी रमेश, रविंद्र, अखिलेश और बनवारी ने रोष जताते हुए कहा कि सरकार केवल आजाद नगर में ही बाढ़ मान रही है। आजादनगर के लोगों को ही अबतक राशन, तिरपाल, भूसा, खाने के पैकेट दिए गए हैं। ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर, भरतपुर और गुटेटी उत्तर के सभी मजरे जलमग्न हैं। उन्हें आज तक बाढ़ राहत के नाम पर मोमबत्ती और माचिस तक नहीं दी गई है।
बाढ़ पीड़ित ग्राम बटन नगला के गवर्नर सिंह, आदेश सिंह, ओवेंद्र और ग्राम कटैला नगला के अजय, भानुप्रताप सिंह, सर्वेश और रामशंकर दीक्षित ने भी बाढ़ राहत वितरण में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। लगभग एक पखवाड़े से बाढ़ से चौतरफा घिरे पैलानी, कटैला नगला, मस्जिद नगला, बटन नगला, लोहार नगला, अभिचारपुर, बांसखेड़ा, धोबियन नगला, पकड़िया नगला, गुटेटी आदि के ग्रामीण सरकारी सहायता की राह देख रहे हैं।
बाढ़ पीड़ित बोले, नाव से गांवों में आएं अधिकारी
बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि वास्तविक स्थिति देखने के लिए अधिकारियों को नाव से गांवों में जाना पड़ेगा। जलमग्न गांवों के परिवार छतों पर डेरा डाले हुए हैं। लोग पानी में ही मल-मूत्र त्याग रहे हैं। गंदे पानी में रहने से चर्म और आंखों के रोग बढ़ गए हैं। स्वास्थ्य कैंप भी उन्हीं गांवों में लगाए जा रहे हैं जहां पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। जलमग्न गांवों के ग्रामीण रोगियों को बैलगाड़ी से खेतों के रास्ते ढाईगांव में दवा दिलाने जा रहे हैं। ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर के प्रधान फारूक अली, भरतपुर के प्रधान के प्रतिनिधि संतोष सिंह तथा ग्राम पंचायत गुटेटी उत्तर के प्रधान अलवर सिंह यादव ने डीएम और जनप्रतिनिधियों से बाढ़ पीड़ितों को अविलंब सरकारी सहायता मुहैया कराने की मांग की है।
गंगा में लगातार छोड़ा जा रहा पानी
बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को गंगा में नरौरा बैराज से 1,44,582 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 18,443 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में दियूनी बैराज से 304 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर मंगलवार को 143.40 गेज था, जो कि बुधवार को 143.41 गेज हो गया है। रामगंगा, गर्रा और खन्नौत नदी का जलस्तर घटा है।
प्रशासन की रिपोर्ट में सिर्फ आजाद नगर के 87 परिवार प्रभावित
प्रशासन की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, कलान क्षेत्र के गांव आजाद नगर मजरा पैलानी उत्तरी में करीब 87 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब चार सौ पशु प्रभावित हैं। करीब 100 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र पर असर हुआ है। जलस्तर में वृद्धि होने से गांव के चारों ओर पानी है। बाढ़ के पानी से एक संपर्क मार्ग कट गया है। नाव की व्यवस्था करा दी गई है।
एसडीएम और तहसीलदार को बताया गया है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखें। जहां पर लोगों को मदद की जरूरत हो, उसे मुहैया कराएं। राहत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
– डॉ. सुरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
सीएचसी में आई-फ्लू के 60-70 रोगी प्रतिदिन आ रहे हैं। सीएचसी में आई-फ्लू और चर्म रोगों की पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। बाढ़ग्रस्त गांवों में लगातार कैंप किए जा रहे हैं। बाढ़ से रास्ते खुल जाने के बाद सभी गांवों में मेडिकल कैंप किए जाएंगे।
– डॉ. आदेश रस्तोगी, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी जरीनपुर, मिर्जापुर

आई फ्लू से पीड़ित आजादनगर निवासी रोगी को दवा दिलवाने बैलगाड़ी से ले जाते परिजन। स्त्रोत: बाढ़ पीड

आई फ्लू से पीड़ित आजादनगर निवासी रोगी को दवा दिलवाने बैलगाड़ी से ले जाते परिजन। स्त्रोत: बाढ़ पीड

