Shahjahanpur News: 500 बेड अस्पताल के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज को मिली पांच एकड़ जमीन

शाहजहांपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज में बन रहा 100 बेड का अस्पताल
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में पांच सौ बेड के अस्पताल के लिए जमीन फाइनल हो गई है। जिगनेरा स्थित मेडिकल कॉलेज के बगल में आश्रम पद्धति की जमीन खसरा और खतौनी में मेडिकल कॉलेज के नाम चढ़ गई है। यह भवन बनने से मरीजों को बेड के लिए बड़ी राहत मिलेगी।
330 बेड के अस्पताल में 500 बेड होने के बाद भी मरीजों को बेड के लिए जूझना पड़ता है। स्ट्रेचर को जमीन पर लिटाकर मरीजों का उपचार करने तक की नौबत आ जाती है। ओपीडी में भी बड़े पैमाने पर हर दिन मरीज आते हैं। पड़ोसी जिलाें के मरीजों के आने के चलते स्वास्थ्य सुविधाएं डगमगाई रहती हैं।
मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए कांट-जलालाबाद रोड पर पांच एकड़ जमीन को गत दिनों फाइनल किया गया था। डीएम उमेश प्रताप सिंह, एडीएम न्यायिक राशिद अली और एसडीएम सतीश चंद्रा के प्रयास से 500 बेड अस्पताल के लिए जमीन मेडिकल कॉलेज के नाम पर चढ़ गई। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि आश्रम पद्धति की जमीन मिलने के बाद स्टीमेट तैयार कर डिटेल प्रोजेक्ट बनाकर नपाई कराई जाएगी। जमीन की जांच होने के बाद बजट आवंटन होगा। उसके बाद कार्यदायी संस्था से काम शुरू कराया जाएगा।
100 बेड का अस्पताल बनने से खत्म हो जाएगी बेड की समस्या
बरेली मोड़ स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में 100 बेड के अस्पताल का निर्माण 2016 से चल रहा है। बजट का पेंच फंसने के कारण काम की रफ्तार धीमी हो गई थी। कई वर्ष बीतने के बाद भी अब तक ग्राउंड फ्लोर से लेकर तीसरे फ्लोर तक काम पहुंच पाया। यह अस्पताल बनने का अधिकारी भी इंतजार कर रहे हैं, जिससे बेड की मारामारी खत्म हो सके।
1500 से ऊपर पर्चे काउंटर पर हर दिन ओपीडी में बनते हैं।
150 मरीज ट्रामा सेंटर में प्रतिदिन 24 घंटे में आते हैं।
330 बेड का अस्पताल बना है
500 बेड की अस्पताल में व्यवस्था की गई। उसके लिए अतिरिक्त बेड डलवाए गए हैं।
जमीन कॉलेज के नाम आवंटित हो गई। प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद कार्यदायी संस्था नामित होने पर काम शुरू किया जाएगा। अस्पताल बने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। – डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य