Shahjahanpur News: वृद्धावस्था पेंशन घोटाले की जांच तेज, कर्मचारियों के बयान दर्ज
शाहजहांपुर। जिला समाज कल्याण कार्यालय में हुए वृद्धावस्था पेंशन घोटाले की जांच ने तेजी पकड़ ली है। शुक्रवार को मामले में विवेचक सोनपाल सिंह ने विभाग के तीन कर्मचारियों को थाने बुलाकर बयान दर्ज किए। इससे पहले जिला समाज कल्याण अधिकारी के बयान दर्ज हो चुके हैं।
समाज कल्याण विभाग के वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में 20 सितंबर को पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार के अलावा आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इनमें सीतापुर निवासी विशाल सक्सेना व सूरज, शाहजहांपुर के साकिब, सीतापुर के खुशाल, कांट के प्रियांशु शर्मा, सदर बाजार थाना क्षेत्र निवासी रामऔतार, निकरा निवासी सतीश कश्यप, कांट के पलहौरा गांव निवासी पप्पू शामिल थे।
इन लोगों ने खाता नंबर बदलकर 2390 बुजुर्गों की पेंशन अन्य खातों में भेज दी थी। कुल दो करोड़ 52 लाख 39 हजार रुपये का घोटाला किया गया। एफआईआर में बताया गया है कि जिला समाज कल्याण अधिकारी का लॉगिन करने और डोंगल लगाने के बाद ही खाता संशोधन की विंडो खुलती थी।
ऐसे में पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रकरण में सीधे तौर पर दोषी हैं। केस दर्ज होने के बाद कहा जा रहा था कि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी होगी, लेकिन पुलिस की जांच शुरुआत में ठंडे बस्ते में चली गई। आरोपियों को गिरफ्तार करना तो दूर पुलिस को सिर्फ वादी और गवाहों के बयान दर्ज करने में एक महीना 12 दिन का समय लग गया।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने वादी वंदना सिंह के तो शुक्रवार को वरिष्ठ लेखाकार नावेद खां, नरेंद्र देव व छात्रावास अधीक्षक सौरभ के बयान दर्ज किए। विवेचक ने घोटाला कैसे हुआ, इसके बारे में जानकारी ली। इस पर कर्मचारियों ने बताया कि घोटाले से संबंधित कोई भी काम कार्यालय में नहीं किया गया। जो काम हुआ, वह कार्यालय से बाहर हुआ। चौतरफा दबाव के बाद अब पुलिस ने जांच तेज की है। ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।
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वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में पुलिस को जांच में विभाग की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी होगी या आगे क्या कार्रवाई होगी, इस संबंध में उच्चाधिकारी ही बता सकते हैं।
– वंदना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी