Shahjahanpur News: बीमारी से जूझ रहे जय प्रकाश को आते थे चक्कर


जयकुमार का फाइल फोटो। स्रोत-परिजन
शाहजहांपुर। रोजा की अस्पताल कॉलोनी निवासी तकनीशियन जयकुमार (35) की जिंदा जलकर मौत होने के मामले में पुलिस की जांच पूरी हो गई। पूछताछ में सामने आया कि वह लिवर की बीमारी से पीड़ित थे। कभी-कभी उन्हें चक्कर भी आ जाते थे। आशंका है कि चक्कर आने पर हीटर पर गिरने से जलकर मौत हुई होगी।
रेलवे के विद्युत उपकेंद्र में तैनात जयकुमार रविवार की सुबह जले मिले थे। पुलिस के अनुसार, हीटर पर गिरने से उनकी मौत हुई थी। मामले में रोजा पुलिस ने जांच करते हुए परिजन और कर्मचारियों से पूछताछ की। इंस्पेक्टर राजीव सिंह के अनुसार, जय कुमार की ड्यूटी रात 12 से सुबह आठ बजे तक होती थी। वह नौ से दस बजे के बीच उपकेंद्र में पहुंच जाते थे। लिवर में संक्रमण के साथ ही उन्हें चक्कर भी आते थे। संभावना है कि हीटर से तापते समय चक्कर आने पर वह उसी स्थान पर गिर गए होंगे। इसी वजह से उनके आग लग गई होगी। हीटर भी पूरी तरह से जल गया था। मामले में परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है।
मोक्षधाम में किया अंतिम संस्कार, बिलख पड़े परिजन
-जय कुमार के अवशेषों का सोमवार को रोजा के मोक्षधाम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग और रेलवे कर्मी पहुंचे। इस बीच मां सुशीला और भाई मनोज बिलख पड़े।
इलाज पूरा हाेने के बाद शादी की थी तैयारी
-लिवर में संक्रमण होने के चलते जयकुमार का उपचार दिल्ली से चल रहा था। मां सुशीला के अनुसार, उपचार पूर्ण होने के बाद शादी के लिए लड़की देखने की योजना थी। उन्होंने रेलवे के अफसरों से बड़े बेटे को नौकरी दिए जाने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दो कर्मियों की ड्यूटी होती तो उनके बेटे की जान बच सकती थी।
गिरने से मौत होने की संभावना नहीं
-अग्निशमन अधिकारी डॉ. बीडी पटेल ने बताया कि हीटर पर एकदम गिरने से जलने से मौत होने की संभावना नहीं है। जयप्रकाश गिरने के बाद उठ नहीं सके होंगे। संभव है कि किसी वजह से वह हीटर पर गिरा और करंट लगने और आग लगने के बाद उठ नहीं सका।