Shahjahanpur News: गंगा की बाढ़ से जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद स्टेट हाईवे जलमग्न

गर्रा नदी का बढ़ रहा जलस्तर। संवाद
मिर्जापुर। क्षेत्र में गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा की बाढ़ से जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद स्टेट हाईवे जलमग्न है। अधिकारियों का दावा है कि अभी बाढ़ का पानी गांवों में नहीं घुसा है। उनका कहना है कि किसी भी विषय परिस्थिति से निबटने के लिए पीएसी फ्लड यूनिट को तैयार रहने और कड़ी नजर रखने को कहा गया है।
रविवार को एसडीएम महेश कुमार कैथल और तहसीलदार पैगाम हैदर ने गंगा की बाढ़ से भयावह हो रही स्थिति का जायजा लिया। तहसीलदार राजस्वकर्मियों के साथ पैलानी गांव में अंत्येष्टि स्थल (श्मशान) में आश्रय लिए विस्थापितों से भी मिले और उन्हें मदद का आश्वासन दिया। एसडीएम और तहसीलदार ने जलमग्न जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद, सौरिख, विधूना स्टेट हाईवे पर यातायात की स्थिति का निरीक्षण किया। चौंरा गांव के समीप हाईवे पर लगभग तीन फुट गहरे तेज बहाव वाले बाढ़ के पानी से निकलकर खेतों की ओर जा रहे ग्रामीणों और राहगीरों को सचेत किया।
उन्होंने ढाईघाट कांवड़ मेले में जाने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए तैनात पीएसी फ्लड यूनिट के जवानों को कांवड़ियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। पीएसी के जवानों से कहा कि कांवड़िये हाईवे पर ही बह रहे बाढ़ के पानी में स्नान करके कांवड़ भरकर ले जा रहे हैं। ढाईघाट पहुंचना खतरे से खाली नहीं है। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार पैगाम हैदर ने राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह और क्षेत्रीय लेखपालों के साथ नाव से जलमग्न ग्राम पैलानी के अंत्येष्टि स्थल पर आश्रय लिए बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना। पानी का बहाव तेज होने के कारण राजस्व टीम मस्जिद नगला, इस्लामनगर, आजाद नगर, पंखिया नगला, धोबियन नगला, पकड़िया नगला आदि गांव में नहीं पहुंच सकी।
अंत्येष्टि स्थल पर शरण लिए ग्रामीणों को राजस्व कर्मी ने धमकाया
बाढ़ से जलमग्न घरों से निकलकर अंत्येष्टि स्थल पर शरण लिए गांव के फूल सिंह, सेवाराम, भंवरपाल, गंगा सिंह, अहिवरन और विनोद ने बताया कि तहसीलदार के जाते ही राजस्व निरीक्षक ने कहा कि तुम लोगों ने यहां अवैध कब्जा कर रखा है। उन्होंने सभी के नाम लिखकर कहा कि तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई होगी। पीड़ितों ने भी कह दिया कि बाढ़ में डूबकर मरने से अच्छी कार्रवाई है। वे जब तक बाढ़ है, तब तक यहां से कहीं नहीं जाएंगे।
मस्जिद नगला में पानी भरने से ग्रामीणों ने सड़क किनारे लिया आश्रय
मस्जिद नगला के परवेज ने बताया कि छप्परदार घरों में पानी भर जाने के कारण गांव के शमशेर, मुन्ना, भूरा, आविद, हसीन खां, शकील, शालिन, मुशीर, जानशेर, फयास, लड्डन, ताजना अपनी गृहस्थी और पशु लेकर गांव से लगभग आठ किलोमीटर दूर ग्राम इमादपुर के निकट सड़क पर आश्रय लिए हुए हैं।
महिलाओं और बच्चों को डूबने से बचाया
जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद स्टेट हाईवे, चौंरा-इस्लामनगर और इस्लामनगर-मस्जिद नगला जाने वाले संपर्क मार्गों पर कुशल गोताखोर, बैलगाड़ी से जरूरतमंदों को इधर से उधर ले जा रहे हैं। बैलगाड़ियों को पानी से भरी सड़कों से निकलते देख मस्जिद नगला के एक घोड़ा बुग्गी वाले ने भी रोगियों को बुग्गी में बैठाकर दवा दिलवाने के लिए ढाईगांव के लिए चल दिया। सड़क पर बह रहे बाढ़ के पानी की गहराई का अंदाजा न होने से बुग्गी का घोड़ा पानी में गिर गया। बुग्गी में सवार बीमार महिलाएं और बच्चे डूबने लगे। तैराकों ने बमुश्किल सभी को डूबने से बचाया।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि तो हो रही है, लेकिन कोई गांव अभी खतरे में नहीं है। बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। स्थिति खराब होने पर बाढ़ से जलमग्न ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और रखे जाने की पूरी व्यवस्था है।
– महेश कुमार कैथल, एसडीएम कलान
नदियों का जलस्तर बढ़ा, गंगा
खतरे के निशान के करीब
शाहजहांपुर। गंगा, गर्रा और खन्नौत नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी में रविवार को फिर से पानी छोड़ा गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को गंगा का जलस्तर भैंसार ढाईघाट तटबंध पर 143.43 गेज था, जो कि शुक्रवार को बढ़कर 143.48 हो गया है। जबकि खतरे का निशान 143.650 गेज पर है। रामगंगा का जलस्तर में मामूली गिरावट हुई है। शनिवार को रामगंगा का जलस्तर 160.660 गेज था, जो कि रविवार को 160.580 गेज रह गया। गर्रा नदी का जलस्तर शनिवार को 146.80 था, जो कि रविवार को 147.00 गेज हो गया है। खन्नौत नदी का जलस्तर शनिवार को 143.55 था। जो कि रविवार को बढ़कर 143.60 गेज हो गया है। रविवार को नरौरा बैराज से गंगा में 2,04,830 क्यूसेक पानी, रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 27,597 क्यूसेक पानी और गर्रा नदी में दियूनी बैराज से 5,269 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। संवाद
नदियों में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी रखी जा रही हैं। बाढ़ चौकियों पर अलर्ट जारी है। एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व कर्मी लगातार क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं।
– डॉ. सुरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व, बाढ़ प्रभारी अधिकारी
पानी छोड़े जाने से रामगंगा और बहगुल नदियां भी उफनाईं
जलालाबाद। बैराजों से पानी छोड़ जाने से क्षेत्र की रामगंगा और बहगुल नदियां फिर उफान पर आ गई हैं। रविवार को एसडीएम रविंद्र कुमार ने राजस्व कर्मियों के साथ बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
रामगंगा में पानी बढ़ने से कोला पुल के समीप बसे अल्लादादपुर बैहारी, सिठौली बीघापुर व नवादा आदि गांवों के मुहाने तक पानी ने दस्तक दे दी है। अल्लादादपुर बैहारी में गांव तक जाने वाले मुख्य रास्ते की पहले ही करीब दस मीटर मिट्टी पानी में बह गई थी, जहां फिर पानी भर जाने के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया। एसडीएम ने स्थिति को देखते हुए रविवार शाम को वहां दो नाव की व्यवस्था करवाई है। नदियों में पानी बढ़ने से से खंडहर इलाके में रामगंगा नदी के खादर में बसे मगटोरा, चचुआपुर, शेरपुर कोनायाकूबपुर, समसीपुर, हारचचोरा मोहनिया, हैदलपुर के अलावा बहगुल किनारे बसे भुड़िया, नौसारा, समैचीपुर, मोहनपुर, अंडपुर, काजरबोझी, फरीदापुर टापर, रामपुर, रघुनाथपुर, मलूकपुर, डुहीजदीद आदि गांवों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। एसडीएम ने बताया कि प्रशासन की तरफ से अल्लादपुर में दो नाव भेजी गई हैं। तहसीलदार से स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद

गर्रा नदी का बढ़ रहा जलस्तर। संवाद

गर्रा नदी का बढ़ रहा जलस्तर। संवाद

गर्रा नदी का बढ़ रहा जलस्तर। संवाद