Shahjahanpur News: हवन व पूर्णाहुति के बाद कराया कन्या भोज

कालीबाड़ी मंदिर स्थित मंडप में देवी मां की स्तुति करते श्रद्धालु। संवाद
शाहजहांपुर। शारदीय नवरात्र का सोमवार को समापन हो गया। अंतिम दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना हुई। इसके साथ ही घरों, मंदिराें व देवी मंडपों में हवन-पूजन हुआ। फिर कन्या भोज कराया गया।
15 अक्तूबर को शारदीय नवरात्र की शुरुआत हुई थी। नौ दिनों तक देवी मां के नौ स्वरूपों की आराधना की गई। सोमवार को शारदीय नवरात्र का अंतिम दिन रहा, घरों और मंदिरों में महानवमी मनाई गई। देवी मां के सिद्धिदात्री स्वरूप की आवाहन किया गया। फिर अज्ञारी डाली गई।
उसके बाद दुर्गासप्तशती का पाठ किया गया। नवमी पर नौ दिनों से चल रहे व्रत का पारायण करने के लिए नौ देवी के स्वरूपों को मानते हुए कन्याओं को भोज कराया गया। इसके बाद उन्हें दक्षिणा देकर विदा किया गया।
शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, फूलमती मंदिर, दुर्गा देवी मंदिर, नव दुर्गा मंदिर समेत शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के सभी मंदिरों में देवी का पूजन और कन्या भोज कराया गया। मंदिर पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने वहां मौजूद कन्याओं को श्रद्धा अनुसार भोज कराया और दक्षिणा दी।
वहीं, खिरनीबाग स्थित रामचरण लाल धर्मशाला, कालीबाड़ी मंदिर, ओसीएफ इस्टेट स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर तथा रिलायंस टाउनशिप में सजाए गए देवी मंडपों में भी पूजा हुई। आयोजकों और श्रद्धालुओं ने देवी मां का विधि-विधान से पूजन किया। पुजारी ने वाद्य यंत्रों के साथ आरती संपन्न कराई। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। देवी मंडप स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ। इसमें बच्चों और युवाओं ने प्रतिभाग कर नृत्य, गायन आदि में प्रस्तुति दी।
आज होगा देवी मां की प्रतिमाओं का विसर्जन, निकलेगी शोभायात्रा
शहर में सजाए गए देवी मंडपों में विराजमान देवी मां की प्रतिमाओं का मंगलवार को विसर्जन किया जाएगा। इसके पहले सिंदूरोत्सव मनाया जाएगा। इसमें महिलाएं देवी मां और एक-दूसरे से साथ सिंदूर की होली खेलेंगी। इसके बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद यात्रा विभिन्न मार्गों से होकर नदी के घाटों पर पहुंचेगी। यहां पर विसर्जन किया जाएगा। संवाद