Shahjahanpur News: यज्ञ की दक्षिणा की देन है खुटार का रामलीला मेला
शिव बरात के साथ हुआ मेले का शुभारंभ, नौ को होगा कवि सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
खुटार। खुटार के रामलीला मेले का बृहस्पतिवार को शिव बरात के साथ शुभारंभ हो गया। शिव बरात का राजभवन में राजा विजय शाह जूदेव ने स्वागत किया। इसके बाद बरात नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई वापस मेला मैदान आकर समाप्त हुई। बरात में देव स्वरूपों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
सन 1935 के आसपास खुटार क्षेत्र में भयंकर हैजा फैला था। तमाम लोगों के काल कवलित होने पर खुटार रियासत के तत्कालीन राजा गजेंद्र शाह को किसी ने रोग की भयावहता रोकने के लिए महा मृत्युंजय जाप और यज्ञ कराने की सलाह दी गई। धार्मिक प्रवृत्ति के राजा ने लोक कल्याण की भावना से जोगराजपुर के महामंडलेश्वर स्वामी कोमलदास से मंत्र का जाप और यज्ञ करने का अनुरोध किया।
स्वामी जी ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए नगर के पूर्व स्थित फुलवारी में डेरा जमा कर महामंत्र का जाप और यज्ञ शुरू कर दिया। बताया जाता है कि थोड़े ही दिन में क्षेत्र को हैजा जैसे खतरनाक रोग से मुक्ति मिल गई।
जाप समाप्त होने के बाद जब राजा ने स्वामी जी से दक्षिणा मांगने को कहा तो उन्होंने नगर में रामलीला मेला लगवाए जाने की इच्छा जाहिर की। तत्कालीन कलेक्टर ने मेले की स्वीकृति देने से इन्कार कर दिया। उन दिनों नैनीताल प्रवास पर आए गवर्नर छतारी स्टेट पहुंचे तो राजा साहब ने सीधे गवर्नर से स्वीकृति लेकर मेला लगवाया।
तब से यहां मेले का लगातार आयोजन हो रहा है। मेला मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि आठ नवंबर को रावण वध और नौ नवंबर की रात कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।