Shahjahanpur News: अस्पताल में बेड नहीं, सिफारिश पर उपचार

शाहजहांपुर के एक गांव में कैंप के दौरान मरीजों को दवा का वितरण करते स्वास्थ्य कर्मी। स्त्रोत-स्
शाहजहांपुर। वायरल बुखार और डेंगू पीड़ितों को स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्था दर्द दे रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। ट्रामा सेंटर में एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने के लिए नेताओं, अधिकारियों समेत प्रभावशाली लोगों से सिफारिश लगवानी पड़ रही है।
पिछले करीब डेढ़ माह से वायरल बुखार की चपेट में लोग आ रहे हैं। अक्तूबर में डेंगू के प्रकोप ने दहशत फैला दी। बड़े पैमाने पर मौतें भी हुईं। इससे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था की कलई खुल गई। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 1402 मरीजाें के पर्चे बने। मरीजों की भीड़ डॉक्टरों के चैंबर के बाहर लगी रही। सिफारिशों वाले मरीजों को पहले अंदर बुलाकर डॉक्टर ने देख लिया। शेष मरीज इंतजार करते रह गए।
दूसरी ओर ट्रामा सेंटर में नए मरीजों को बेड नहीं मिल सका। उन्हें सिफारिशें तक करानी पड़ी। बेड नहीं मिलने से मरीजों को परेशान होकर लौटना पड़ रहा है। जबकि, डीएम ने व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए थे।
खुद गंदगी से जूझ रहा स्वास्थ्य विभाग : लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने वाला स्वास्थ्य विभाग खुद गंदगी से जूझ रहा है। अस्पताल परिसर की नालियां ही गंदगी से भरी पड़ी हैं। इसमें मच्छर पनप रहे हैं। झाड़ियों तक की सफाई नहीं कराई गई। यही हाल सीएमओ कार्यालय परिसर का भी है, जहां पर कूड़े के ढ़ेर लगे हुए हैं। नालियाें तक की सफाई नहीं हो रही है।
आवाज उठाने पर दबा दी जाएगी : ट्रामा सेंटर में मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाने के बाद डॉक्टर के लिए इंतजार करना पड़ता है। यहां पर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं से उपचार कराया जा रहा। कोई आवाज उठाता है तो सिक्योरिटी गार्ड उसे परिसर से जबरन बाहर कर देते हैं।

