Shahjahanpur News: अब अंकपत्रों में त्रुटियां सही कराने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय में करें आवेदन
शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों के अंकपत्रों में नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्मतिथि और फोटो से संबंधित त्रुटियां हैं तो उन्हें सुधरवाने के लिए अब क्षेत्रीय कार्यालय में आवेदन करना होगा। यह आवेदन स्कूल के प्रधानाचार्य के माध्यम से होगा। उनकी संस्तुति पर त्रुटियों में सुधार हो सकेगा।
बीती 19 और 20 जून को माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जीआईसी में शिविर आयोजित किया गया था। इसमें यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को अपने अंकपत्रों में त्रुटियों को सही कराने का मौका दिया गया था। दो दिवसीय शिविर के पहले दिन 2022-23 से पहले यूपी बोर्ड की परीक्षा देने वाले हाईस्कूल के 20 और इंटरमीडिएट के पांच तथा 2022-23 में जिन्होंने परीक्षा दी उनमें हाईस्कूल के 18 और इंटरमीडिएट के 22 अंकपत्रों की त्रुटियां सुधारी गईं थीं। दूसरे दिन 2022-23 से पहले यूपी बोर्ड की परीक्षा देने वालों में हाईस्कूल के 14 और इंटरमीडिएट के 17 और 2022-23 में परीक्षा देने वालों में हाईस्कूल के 15 और इंटरमीडिएट के 16 परीक्षार्थियों ने अंकपत्रों की त्रुटियां सुधरवाईं थीं।
इस तरह कुल 127 परीक्षार्थियों के अंकपत्रों की त्रुटियां सुधारी गईं थी। अब भी बड़ी संख्या में नए और पुराने ऐसे छात्र-छात्राएं हैं जिनके अंकपत्रों में सुधार होना बाकी है। डीआईओएस शौकीन सिंह यादव ने बताया कि ऐसे विद्यार्थियों को अब अंकपत्र में त्रुटियां सुधरवाने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय बरेली में स्कूल के प्रधानाचार्य के माध्यम से आवेदन करना होगा। अंकपत्रों में सुधार अब केवल प्रधानाचार्य की संस्तुति पर ही किया जाएगा। हालांकि इसमें कितना समय लगेगा, इसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है।
सबसे ज्यादा नाम में पाई गईं थीं त्रुटियां
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकपत्रों में सबसे ज्यादा परीक्षार्थी, उसके माता-पिता के नाम में ही त्रुटियां पाई गईं हैं। दूसरे नंबर पर जन्मतिथि बदल जाने की गलतियां सामने आईं। ऐसे में भी तमाम परीक्षार्थी हैं, जिनके फोटो या तो प्रिंट नहीं हुए अथवा किसी और का लग गया।
परीक्षार्थी बोले, लापरवाही किसी की, परिणाम हमें भुगतना होगा
यूपी बोर्ड की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के अंकपत्रों में त्रुटियां होने का कारण फीडिंग के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही है। परीक्षार्थी परीक्षा फार्म भरते समय कई जगह अपना, माता-पिता का नाम और जन्मतिथि आदि अंकित करता है और स्पेलिंग लिखता है, लेकिन फीडिंग करने वाले उनमें संशोधन कर देते हैं। खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ता है। परीक्षार्थियों के अनुसार, अंकपत्रों में सुधार के लिए उन्हें भागदौड़ करनी पड़ती है। इसमें समय के अलावा रुपया भी खर्च होता है।

