Shahjahanpur News: फोटो नंबर 14 व 15 खेलने निकले दो सगे भाइयों की करंट लगने से मौत

जलालाबाद में रोती बिलखती मृतक बच्चों की मां परवीन
जलालाबाद। थाना क्षेत्र के याकूबपुर गांव निवासी शरीफ के बेटे अयान और अरमान की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के समय दोनों भाई घर के बाहर खेल रहे थे। दो बच्चों की मौत से परिवार में मातम है। परिजनों ने बच्चों का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार करते हुए शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिए।
शरीफ रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह सुबह सात बजे घर से रिक्शा लेकर चले गए थे। पत्नी परवीन घर के कामकाज में लगीं थीं। इसी बीच उनके बेटे अयान (6) व अरमान (4) घर के बाहर खेलने निकल गए। शरीफ के घर से कुछ फासले पर असलम का घर है। वहां लगे बिजली के पोल की सपोर्ट के लिए एक लोहे का तार पास में ही जमीन में लगा हुआ है। दोनों भाई खेलते-खेलते वहां पहुंच गए और एक-एक कर दोनों ने तार पकड़ लिया।
बरसात के चलते तार में करंट उतर आया था। करंट लगने से झुलसे दोनों बच्चे वही गिर गए। करीब आठ बजे एक भिक्षा मांगने पहुंचे व्यक्ति ने गली में बच्चों को पड़ा देखा तो उसने आवाज लगाई, जिसे सुनकर मां परवीन सहित आसपास के अन्य लोग बाहर निकले। तब घटना का पता लगा। तुरंत ही वह लोग बच्चों को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दो बेटों की मौत से माता-पिता समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शरीफ के दो साल का एक बेटा फरमान है।
उधर, हादसे के बाद पुलिस ने भी मौका-मुआयना किया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने इन्कार कर दिया। इसके बाद गमगीन माहौल में शवाें को नजदीक के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
बारिश के चलते गली में था सन्नाटा
जिस समय घटना हुई उस समय हल्की बारिश होने लगी थी। इस वजह से कोई घर के बाहर नहीं था। इस कारण बच्चों की मौत की जानकारी भी लोगों को नहीं हो सकी। करीब 30 मिनट तक शव पड़े रहे। भिक्षा मांगने वाले व्यक्ति के आवाज देने के बाद आसपास के लोग इकट्ठा हुए।
दो बच्चों की मौत के बाद भी सही नहीं कराए गए बिजली के तार
– 15 साल पहले लगा था बिजली का पोल, पहली बार हुआ हादसा
– नगर पालिका चेयरमैन ने पहुंचकर मृतक के परिजनों को सांत्वना दी
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। याकूबपुर गांव में शरीफ की गली में 15 साल पहले बिजली का पोल लगाया गया था। पहली बार करंट उतरने से दो बच्चाें की मौत हो गई। हादसे के बाद भी बिजली विभाग नहीं चेता और तार को सही कराने की जरूरत नहीं समझी।
गांव के शकील अहमद, सुमित गुप्ता आदि ने बताया कि गांव में बंच केबल होने के बाद भी लोगों को जहां-तहां से कनेक्शन दिए गए थे। जिससे गांव में कई जगहों पर खतरे की आशंका बनी हुई है। सोमवार को हादसे के बाद नगर पालिका अध्यक्ष शकील अहमद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उनके सूचना देने के बाद विद्युत निगम के एसडीओ महेंद्र सिंह व अन्य विभागीय अधिकारी गांव पहुंचे। उन्होंने पोल में लगे सपोर्टिंग तार को हटवाने का आश्वासन दिया, लेकिन शाम तक तार नहीं हटाए गए।
बारिश के चलते गली में रहा सन्नाटा
जिस समय घटना हुई। उस समय हल्की बारिश होने लगी। इस वजह से कोई घर से बाहर नहीं निकला।जिसके चलते बच्चों की मौत की जानकारी भी लोगों को नहीं हो सकी। करीब 30 मिनट तक शव पड़े रहे। भिक्षा मांगने वाले व्यक्ति के आवाज देने के बाद आसपास के लोग इकट्ठा हुए।
गमगीन माहौल में शव किए दफन
हादसे के बाद पुलिस ने भी मौका-मुआयना किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने इन्कार कर दिया। इसके बाद गमगीन माहौल में शवाें को नजदीक के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। शरीफ के परिवार में एक पुत्र फरमान रह गया है।

जलालाबाद में रोती बिलखती मृतक बच्चों की मां परवीन

जलालाबाद में रोती बिलखती मृतक बच्चों की मां परवीन

