Shahjahanpur News: सात घंटे बाद ऑपरेशन करने पहुंचा डॉक्टर, गर्भवती की मौत

गांव खजुरिया निवासी अंजली देवी का फाइल फोटो। संवाद
पुवायां। प्रसव के निजी अस्पताल में भर्ती कराई गई गांव खजुरिया निवासी बिंदु की 20 वर्षीय पत्नी अंजली को ऑपरेशन के लिए सात घंटे इंतजार कराया गया। इस दौरान अंजली की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। पति ने अस्पताल संचालक और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बिंदु ने बताया कि पत्नी अंजली को प्रसव पीड़ा होने पर 31 मई को शाम चार बजे पुवायां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने गर्भवती और उसके बच्चे की जान को खतरा बताते हुए ऑपरेशन से प्रसव की बात कही। इस पर बिंदू ने हामी भर दी। इसके बाद उनसे तीन बार में 16,500 रुपये जमा कराए गए। अस्पतालकर्मियों ने ऑपरेशन के लिए किसी डॉक्टर को फोन किया। इस बीच अंजली को चार बोतल ग्लूकोज चढ़ाया गया।
बिंदू का आरोप है कि ऑपरेशन के लिए रात 11:00 बजे शाहजहांपुर से डॉक्टर पहुंचे। काफी देर हो जाने के कारण अंजली की हालत बिगड़ गई, लेकिन परिजनों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। रात लगभग 12:00 बजे अस्पताल कर्मियों ने हालत गंभीर बताते हुए बरेली ले जाने को कहा। परिजन अंजली के पास पहुंचे तो वह मृत मिलीं। ऑपरेशन करने आया डॉक्टर कार में बैठकर चला गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। बिंदु का आरोप है कि जब उन्हें अंजली के पास ले जाया गया तो उसकी नाक से खून बह रहा था। मुंह से झाग निकल रहे थे। बिंदु का आरोप है कि अस्पताल संचालक और डॉक्टर की लापरवाही से उनकी पत्नी और अजन्मे बच्चे की जान गई है।
इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल संचालक हार्टअटैक से गर्भवती की मौत होने की बात कह रहा है।