Shahjahanpur News: सलेमपुर का मातमी सन्नाटा तोड़ रहा रघुवीर के परिवार का क्रंदन

जैतीपुर में मृतक रघुवीर के चाचा दृगपाल
जैतीपुर। थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी रघुवीर, उसकी पत्नी और दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत से गांव में मातमी सन्नाटा है। रघुवीर की दो पीढि़यां हादसे में खत्म हो गईं। उनकी मौत की खबर के बाद से गांव का हर कोई व्यक्ति गमजदा है।
गाजियाबाद की प्रिटिंग प्रेस में काम करने वाला रघुवीर अपनी पत्नी ज्योति, बेटा कृष्णा (5), बेटा अभि (3), साली जूली (35) व जूली की चार साल की बेटी आराध्या के साथ शादी में शामिल होने गया था। शुक्रवार तड़के करीब साढ़े चार बजे बाइक से लौटते समय सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के दिलावरपुर गांव के पास दंपती, उसके बच्चों व साली जूली की मौत हो गई, जबकि आराध्या को मामूली चोटें आईं थीं।
रघुवीर का परिवार हादसे में खत्म होने की सूचना के बाद से सलेमपुर में मातमी सन्नाटा पसरा था। शुक्रवार शाम को शव गांव पहुंचे तो परिजन बिलख पड़े। सूरज डूबने से पहले दंपती का एक ही चिंता पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। बच्चों को दफन किया गया। पूरी रात परिवार के लोग सुबकते रहे। रघुवीर की मां भाग्यवती, पिता सत्यपाल, भाई सोनू व बहनों के रोते-रोते आंखों से आंसू सूख गए। गांव के मातमी सन्नाटे को उनका करुण क्रंदन तोड़ रहा था। रघुवीर के परिवार के सदस्य पूरी रात सोए नहीं, ना ही उन्होंने खाना खाया।
रघुवीर के घर का नहीं खुला ताला, मामा के घर उतारे गए थे शव
सलेमपुर में रघुवीर का मकान आज भी बंद है। उसके शव भी मामा गजेंद्र के घर पर ले गए थे। रघुवीर के परिवार के सदस्य भी गजेंद्र के घर पर रुके हैं। उनके घर पर चूल्हे नहीं जले। गांव के लोग खाना लेकर आए, लेकिन मां ने खाने को हाथ तक नहीं लगाया। सभी रघुवीर, ज्योति, अभि व कृष्णा की याद में सदमे में हैं।
चाचा दृगलाल को रहेगा हमेशा मलाल
सिंधौली में रहने वाले चाचा दृगपाल हरियाणा में नौकरी करते हैं। हादसे की खबर सुनकर शुक्रवार शाम को गांव पहुंचे। उससे पहले ही रघुवीर का अंतिम संस्कार हो चुका था। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले रघुवीर उनकी बेटी की शादी में आया था। तब उससे मुलाकात हुई थी। उसके अंतिम दर्शन नहीं कर पाने का हमेशा मलाल रहेगा।
भाग्यवती का सब उजड़ गया, बोली-बेटियों की शादी कैसे होगी
रघुवीर की मां भाग्यवती की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं। शनिवार को बेटे व पौत्रों के फोटो को देखकर वह बिलख पड़ीं। उसे बेटी सलोनी व आरती ने संभाला। उन्होंने बताया कि बेटियां शादी के लायक हो गईं। रघुवीर ने कहा था कि दो साल मेहनत कर दोनों बहनों की शादी एक साथ कर देगा। रघुवीर चला गया। अब बेटियों की जिम्मेदारी कौन उठाएगा।
पुलिस वाहन की तलाश में जुटी, तहरीर नहीं आई
सेहरामऊ दक्षिणी थाने में शनिवार को रघुवीर के पिता सत्यपाल शनिवार को रिश्तेदारों के साथ पहुंचे। एसओ रोहित सिंह ने उनसे वार्ता की, लेकिन उन्होंने अभी कोई तहरीर नहीं दी गई। दूसरी ओर पुलिस ने हादसा करने वाले वाहन की तलाश को तेज कर दिया गया। सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।

जैतीपुर में मृतक रघुवीर के चाचा दृगपाल

जैतीपुर में मृतक रघुवीर के चाचा दृगपाल

