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Shahjahanpur News: दिल्ली में फंसा भगवान परशुराम जन्मस्थली का उद्धार

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Rescue of Lord Parshuram's birthplace stuck in Delhi

जलालबाद स्थित भगवान परशुराम का मंदिर। संवाद

जलालाबाद। भगवान परशुराम जन्मस्थली के उद्धार की फाइल करीब पौने दो साल से केंद्रीय पर्यटन विभाग में धूल फांक रही है। वर्ष 2022 में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा के बाद जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में शासन से मजबूत पैरवी तक नहीं की। इस कारण धार्मिक स्थल के विकास का सपना देख रहे लाखों भक्त मायूस हैं।

नगर स्थित भगवान परशुराम मंदिर को उनकी जन्मस्थली घोषित करने और रामताल सहित मंदिर के आसपास स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग वर्षों से चली आ रही है। इसको लेकर लोगों ने लंबे समय तक आंदोलन भी किया। 24 अप्रैल 2022 को मंदिर प्रांगण में आयोजित जनसभा में प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद समेत कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में नगर को भगवान परशुराम की जन्मस्थली घोषित कर उसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। आगामी बजट में धन आवंटित करने का वादा भी किया। इसके बाद पर्यटन विभाग बरेली और लखनऊ की स्काई लाइन कंपनी ने यहां संयुक्त सर्वे कर 2022 के सितंबर महीने में 87 करोड़ की लागत का प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा था। जिसके बाद प्रदेश के पर्यटन मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा। इसके बाद इस दिशा में कोई कार्य आगे नहीं बढ़ा।

ये होने थे कार्य

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जन्मस्थली का दौरा कर इस समूचे स्थल को आगामी 50 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक होने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद यहां किए गए सर्वे में प्रमुख रूप से मंदिर के आसपास के पूरे परिसर में स्टोन क्लॉउडिंग, रामताल में चल रहे नगर पालिका के गंदे पानी के नाले को बंद कर उसे दूसरी जगह बनाने, रामताल के पानी को साफ सुथरा रखने को शोधन प्लांट लगाने, रामताल के उत्तर में पार्क व भव्य प्रवेश द्वार, बहुउद्देशीय हाल, अंडरग्राउंड बिजली व्यवस्था, सत्संग भवन, कैंटीन तथा श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बड़ा हॉल सहित कई अन्य कार्य प्रस्तावित थे।

पौने तीन करोड़ का खर्च भी औचित्यहीन

मंदिर तक जाने वाले संकरे और पुराने रास्ते से आवागमन में होने वाली परेशानी को दूर करने तथा मंदिर को बरेली व शाहजहांपुर हाईवे से जोड़ने के लिए लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने दो करोड़ 60 लाख की धनराशि मंजूर की थी। इस धनराशि से नगर से कुछ पहले शाहजहांपुर हाईवे से बरेली हाईवे को जोड़ने वाली बघापुर होकर जाने वाली सड़क का चौड़ीकरण का कार्य कराया गया। इस सड़क से नगर के मोहल्ला सदुल्लागंज होते हुए रामताल तक एक सड़क का निर्माण कार्य करवाया गया है। इन निर्माण कार्यों का श्रद्धालुओं को जब तक फायदा नरी मिल सकता जब तक निर्मित हुई सड़क और मंदिर के बीच पड़ने वाले रामताल पर पुल न बनाया जाए।

विधान सभा का सत्र शुरू हो रहा है। इसमें शामिल होने के लिए लखनऊ में रहूंगा। जन्मस्थली के बजट को स्वीकृत कराने के संबंध में वार्ता के लिए मैंने पर्यटन मंत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री से मिलने के लिए समय ले लिया है। जल्द ही इस दिशा में कार्य आगे बढ़े, इसके लिए प्रयासरत हूं।

-हरिप्रकाश वर्मा, विधायक, जलालाबाद


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