Pilibhit News: मिली थी दस पेड़ों की मंजूरी काट डाला पूरा हरा-भरा बाग

खारजा नहर क्षेत्र में काटे गए सेमल की पेड़ की पड़ी जड़े । संवाद
पीलीभीत। सामाजिक वानिकी प्रभाग से ठेकेदार को जब दस पेड़ काटने की अनुमति मिली तो उसने मौका पाकर पूरा हरा-भरा बाग ही उजाड़ दिया। यह भी नहीं कि उसने सूखे पेड़ काटे हो, सभी हरे पेड़ काटे गए हैं। अब जिम्मेदार इसकी जांच कराने की बात कह रहे हैं।
बिलसंडा में गांव मार रोड पर नेशनल पब्लिक स्कूल के सामने एक बड़े हरे-भरे आम के बाग पर दिनदहाड़े आरा चलाया गया। स्थानीय लोगों की मानें तो विगत वर्ष बाग में आम की अच्छी फसल आई थी। लकड़ी माफियाओं ने पेड़ों को रोग ग्रस्त दिखाकर विभागीय अधिकारियों के इशारे पर दो एकड़ के बाग का सफाया कर दिया।
इसके अलावा माफिया ने पहले बाग में अवैध रूप से प्लाटिंग शुरू की। बाद में पूरे बाग में खड़े हरे आम के पेड़ काट डाले। रविवार को गांव मार रोड पर खुलेआम आम के बाग में आरा चलता दिखाई दिया। लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वायरल वीडियो में हरे पेड़ साफ कटते दिख रहे हैं। मामला जब जिम्मेदारों के पास पहुंचा तो जांच कराने की बात कही जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि दस पेड़ की अनुमति दी गई थी। सामाजिक वानिकी के डीएफओ संजीव कुमार का कहना है कि अनुमति से अधिक पेड़ काटे गए हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी।
नहर की मरम्मत की आड़ में काट दिए सेमल के सैकड़ों पेड़
– पूर्व में वन संरक्षक ने कटान न करने के दिए थे निर्देश
– सामाजिक वानिकी के क्षेत्रीय वनकर्मी बने रहे अंजान
संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। हरियाली को बचाने के दावों के बीच खारजा नहर की मरम्मत की आड़ में नहर विभाग ने सेमल के सैकड़ों पेड़ कटवा दिए। बिना मूल्यांकन और नीलामी के पेड़ों को कटवाकर ठिकाने लगा दिया गया। जानकारी के बाद भी सामाजिक वानिकी के क्षेत्रीय वनकर्मी अंजान बने रहे।
शारदा डैम से निकलने वाली खारजा नहर की चौड़ाई बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। नहर के क्षेत्र में तेहरामील तक दोनों पटरियों पर वर्षों पुराने सेमल के सैकड़ों पेड़ खड़े हैं। पूर्व में मरम्मत कार्य करने के चलते नहर विभाग की ओर से पेड़ों को काटने के लिए सर्वे कराया गया था, लेकिन मामला संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन वन संरक्षक ललित वर्मा ने स्थलीय निरीक्षण कर काम में पेड़ों के बाधा न बनने की बात कहकर कटान पर रोक लगा दी थी।
दस दिन पूर्व से कलीनगर के शाहगढ़ क्षेत्र में नहर की दोनों पटरियों पर नहर विभाग ने गुपचुप तरीके से सेमल के पेड़ों को पोकलैंड मशीन से गिरवा दिया। इसके बाद पूरनपुर के ठेकेदारों से गोपनीय तरीके से पेड़ों को कटवाकर ठिकाने लगवा दिया गया। पेड़ों के कटान को लेकर वन विभाग से मूल्यांकन की भी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। क्षेत्रीय सामाजिक वानिकी टीम को जानकारी के बाद भी अनजान बनी रही। रेंजर पियूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि सेमल के पेड़ सिंचाई विभाग के स्वामित्व में है, लेकिन कटान की जानकारी नहीं है। मामले की जांच करवाई जाएगी।

खारजा नहर क्षेत्र में काटे गए सेमल की पेड़ की पड़ी जड़े । संवाद