Shahjahanpur News: छह ब्लॉकों के हाईरिस्क वाले गांवों में बीमारियों का खतरा

बुखार के चलते कैंप लगाकर दवा बांटते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी
– पंचायत विभाग की आधी-अधूरी तैयारियों से बुखार-मलेरिया से जूझ रहे मरीज
– सीएमओ ने दो बार भेजा पत्र, अब हाईरिस्क वाले गांवों की सूची उपलब्ध कराई
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। बारिश से पहले मच्छरजनित रोगों से लड़ने के लिए पंचायत विभाग ने आधी-अधूरी तैयारियां की थी। साफ-सफाई नहीं होने के कारण 229 गांव हाईरिस्क के लिए चुने गए। इनमें सबसे ज्यादा गांव छह ब्लॉकों में हैं, जहां पर बुखार समेत अन्य बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
संचारी रोगों से बचाव के लिए दो दर्जन विभागों को पूर्व में तैयारियों के निर्देश दिए गए थे। उसके बाद भी गांवों में स्वच्छता पर जोर नहीं दिया गया। झाड़ियों की सफाई, कूड़ा उठान, पानी का ठहराव खत्म करने को काम नहीं होने का नतीजा सामने आने लगा है। मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार से लोग जूझ रहे हैं। अब तक 15 लोगों की बुखार से जान जा चुकी है।
लगातार बुखार के मरीजों के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुखार के लिए जिले के 229 गांव हाईरिस्क के लिए चिह्नित किए। इसमें सबसे ज्यादा भावलखेड़ा, ददरौल, सिंधौली, तिलहर, जैतीपुर, कलान ब्लॉक के गांव शामिल हैं, जो बुखार के लिए संवेदनशील माने गए हैं।
सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि सारे विभागों को पहले ही दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन पंचायती राज विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया। विभाग को दो बार पत्राचार किया जा चुका है। उन्होंने गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव, फाॅगिंग व सफाई अभियान चलाने के लिए कहा है।
467 स्थानों पर मिला लार्वा
मलेरिया विभाग ने अभियान चलाकर लार्वा की तलाश की। इसमें फ्रिज की ट्रे, कूलर आदि में 447 जगह पर लार्वा मिला है। उसे नष्ट कराया जा चुका है।
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टीमों ने कैंप लगाएं, 15 नए रोगी मिले
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुजातपुर, चांदापुर आदि में कैंप लगाया। यहां पर दर्जनों लोग बीमार मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसपी गंगवार ने बताया कि 15 नए मलेरिया के राेगी मिले हैं।

