Shahjahanpur News: आज से शुभ मुहूर्त में करें घट स्थापना
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। देवी मां की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू होंगे। इसको लेकर शनिवार को घरों और देवी मंदिरों में तैयारियां हुईं। बाजार में पूजन सामग्री, मेवा, फल आदि की खरीदारी के लिए लोग पहुंचे।
शारदीय नवरात्र के लिए घट स्थापना का समय शुभ मुहूर्त पूर्वाह्न 11:55 बजे से 40 मिनट तक है। घट स्थापना करने के साथ ही देवी मां के भक्त नौ दिनों तक उपवास भी शुरू करेंगे। नियमित रूप से दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने के लिए शनिवार को पूरे दिन तैयारियां चलीं। शहर के चौक स्थित दुर्गा माता मंदिर, फूलमती मंदिर के साथ ही बाबा विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर में देवी मां की मूर्तियों और परिसर में साफ-सफाई हुई। मंदिरों को सजाया गया। वहीं घरों में भी नवरात्र पर घट स्थापना व पूजन को लेकर तैयारियां की गई। महिलाओं ने बाजार पहुंचकर देवी मां के श्रृंगार और पूजन की सामग्री की खरीदारी की। माता रानी को भोग लगाने, प्रसाद व उपवास में खाने के लिए मेवा और फल भी खरीदे।
नवरात्र आते ही बढ़ गए फल और मेवा के दाम : शारदीय नवरात्र से पहले ही दुकानदारों ने फल और मेवा के दाम में बढोतरी कर दी है। पूजन सामग्री पर भी महंगाई की मार देखी जा रही हैं। पूजा के लिए हवन सामग्री पहले जहां 80 रुपये प्रति किग्रा थी, अब 100 रुपये की एक किग्रा हो गई है। माता जी की छोटी चुनरी 10 रुपये में मिल जाती थी। इस बार 20 रुपये से शुरुआत है। जटा नारियल 10 की जगह 20 से 30 रुपये में बिक रहा है। श्रृंगार के सामान का पैकेट पर भी 10 रुपये बढ़े हैं, जोकि 60 रुपये में बेचा जा रहा है। इनके अलावा लौंग, कपूर, वंदन, रोली, धूपबत्ती, जायफल, माला, वस्त्र, कलश, कूंडा आदि के रेट भी बढ़े हैं। फलों के दाम में 10 से 50 रुपये तक बढ़ गए हैं। 80 रुपये में बिकने वाला सेब 100 से 150 रुपये, 35-40 रुपये वाला केला 50 रुपये दर्जन, 50 रुपये में बिक रहा पपीता अब 60 रुपये का हो गया है। इसी तरह से अनार, मौसमी, कीवी, नारियल के दाम भी बढ़ गए हैं। इसके बावजूद लोगों का कहना है कि माता रानी की पूजा और पर्व को मनाने में किसी तरह की कमी नहीं रखेंगे। पूजन सामग्री, फल व मेवा की खरीदारी की जाएगी।
चौक मंडी के दुर्गा देवी मंदिर में नवरात्रों पर उमड़ते हैं श्रद्धालु : चौक मंडी में दुर्गा देवी का मंदिर स्थित है। जहां नवरात्रों में श्रद्धालु उमड़ते हैं। इस मंदिर का प्रादुर्भाव सितंबर 1957 में हुआ। कहा जाता है कि मंडी बाजार में स्थित गांधी पार्क के लिए गांधीजी की प्रतिमा ला रहे ट्रक का पहिया धंस गया था। जहां पर पहिया धंसा, उसी स्थान पर देवीजी की मूर्ति के दर्शन हुए साथ ही 90 सिक्के मिले। हालांकि यह कथन विवादित रहा। बाद में सेठ बंधु विशन चंद्र व शिव प्रसाद तथा अन्य भक्तों के समुचित प्रयासों से तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष लाला शांती स्वरूप अग्रवाल ने सरकार की सहमति से निकट ही टूटी व जली दुकानों की भूमि को मंदिर के लिए दान दिया गया। 1960 को श्री दुर्गा जी की मूर्ति की विधिवत स्थापना हुई। मूर्ति की व्यवस्था लाला राधे लाल सर्राफ ने की। मंदिर में दुर्गा जी के साथ शंकरजी, हनुमानजी, लक्ष्मी-नारायण तथा ब्रह्मा-विष्णु-महेश त्रिमूर्ति स्थापित हैं। क्षेत्र की जनता पूजन, भजन तथा कीर्तन के लिए यहां आते हैं। मंदिर के पुजारी अरुण कुमार शुक्ला है, व्यवस्था सुरेंद्र सिंह सेठ व अशोक अग्रवाल देख रहे हैं।

