पीलीभीत

Pilibhit News: शारदीय नवरात्र आज से, घर से बाजार तक बरसेगी माता की कृपा

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Shardiya Navratri from today, Mother's blessings will shower from home to market

शहर में सजी एक दुकान पर नवरात्रों के लिए पूजन का समान खरीदती महिलाएं । संवाद

पीलीभीत। शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं। शनिवार की सुबह से ही बाजार में खरीदारी करने के लिए लोगों को भीड़ उमड़ पड़ी जो देर रात तक रही। मां की पूजा-अर्चना और व्रत के लिए श्रद्धालुओं ने खरीदारी की।

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 15 से शुरू होकर 23 अक्तूबर तक चलेंगे। इस बार पूरे नौ दिन के नवरात्र हैं। ऐसे में कलश स्थापना को लेकर बाजारों में पूजन सामग्री की बिक्री बढ़ गई। शनिवार को लोग कलश स्थापना में प्रयोग होने वाली सामग्री जैसे कपूर, लौंग, मिट्टी के कलश, कुमकुम, सुपारी, अगरबत्ती, जौ, तिल, नारियल, जायफल आदि की खरीदारी करते दिखे।

चौकी पर बिछाने के लिए लाल कपड़े के साथ ही बड़ी चुनरी, मां दुर्गा के शृंगार का सामान, देवी मां का फोटो के साथ दुर्गा सप्तशती की किताब भी श्रद्धालुओं ने खरीदीं। इसके अलावा व्रत के सामान की भी खरीदारी हुई। ऐसे में नारियल 30 से 50 रुपये तो कुट्टू का आटा 120 रुपये किग्रा तक बिका। फिलहाल वस्तुओं की कीमतों में कोई विशेष अंतर नहीं दिखा।


शुभ मुहूर्त में करें कलश स्थापना

मां ज्वालामुखी चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि.) के अध्यक्ष नीलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि को यानी 15 अक्तूबर को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 11:36 मिनट से मध्याह्न 12:24 तक है। ऐसे में कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त इस साल 48 मिनट ही रहेगा। वहीं परमठ मंदिर के महंत पंडित ओमकार नाथ ने बताया कि इस साल नवरात्र रविवार से शुरू होंगे जो 23 अक्तूबर को समाप्त होंगे। इस बार पंचांग के हिसाब से शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा 14 अक्तूबर की मध्य रात्रि से प्रारंभ होकर 15 अक्तूबर की मध्य रात्रि तक होगी। पूजन करने वाले लोग सूर्योदय होने के बाद 15 अक्तूबर की दोपहर 12 बजे तक घरों में कलश स्थापना कर सकते हैं।

एक हजार साल पुराना है यशवंतरी मंदिर

पीलीभीत। शहर के प्रसिद्ध यशवंतरी देवी मंदिर में नौ दिन तक मेले जैसा माहौल रहेगा। मंदिर के पुजारी राजेश वाजपेई ने बताया कि मंदिर करीब एक हजार वर्ष पुराना है। मां ने नकटादाना राक्षस का वध करने के बाद यहां बाल रूप में दर्शन देते हुए जल ग्रहण किया था। यहां पर आज भी जलकुंड मौजूद है। यहां के पुजारी ने बताया कि नवरात्र के मेले के दौरान रोजाना शाम को मां की आरती होगी। रोजाना सुबह-शाम माता रानी की आराधना के साथ छन्द, गीत आदि गाए जाएंगे। इसके लिए यशवंतरी समेत जिले के विभिन्न मंदिरों को देर रात तक सजाया जाता रहा। संवाद

शहर में सजी एक दुकान पर नवरात्रों के लिए पूजन का समान खरीदती महिलाएं । संवाद

शहर में सजी एक दुकान पर नवरात्रों के लिए पूजन का समान खरीदती महिलाएं । संवाद

शहर में सजी एक दुकान पर नवरात्रों के लिए पूजन का समान खरीदती महिलाएं । संवाद

शहर में सजी एक दुकान पर नवरात्रों के लिए पूजन का समान खरीदती महिलाएं । संवाद


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