Shahjahanpur News: नदियों का बढ़ रहा जलस्तर, कटान की आशंका तेज

गर्रा नदी में बढ़ता जलस्तर।संवाद
शाहजहांपुर। पहाड़ों पर हो रही बारिश से बैराजों पर बोझ बढ़ रहा है। इस कारण लगातार रामगंगा, गंगा, गर्रा और खन्नौत नदी में बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है। इस कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन की तरफ से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी किए गए हैं।
गंगा नदी में नरौरा बैराज से 31900 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा नदी में हरवेली बैराज, खो बैराज, फीका बैराज, ढेला बैराज, लालपुर बैराज से 16953 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। दियूनी बांध से गर्रा नदी में 5304 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का जलस्तर शनिवार को 161.50 गेज था, जो कि रविवार को 161.95 गेज हो गया। रामगंगा का जलस्तर बढ़कर 160.120 गेज हो गया है। गर्रा नदी का शनिवार को जलस्तर 143.90 गेज था, जो कि बढ़कर 144.5 गेज हो गया है। खन्नौत नदी का जलस्तर 143 गेज है।
नरौरा बैराज से पानी छोड़े जाने से गंगा में जलस्तर बढ़ने से शाहजहांपुर जिले में प्रभाव पड़ता है। कछला घाट पर गंगा के जलस्तर में इजाफे से शाहजहांपुर क्षेत्र के प्रभावित होने का अनुमान लगाया जाता है। रामगंगा में चौबारी में जलस्तर बढ़ने से जिले से गुजरने वाली रामगंगा नदी भी प्रभावित होती है। पीलीभीत के दियूनी डैम से छोड़ा गया पानी गर्रा नदी का जलस्तर प्रभावित करता है। बहगुल डैम से छोडो गए पानी से जिले के छोटे-छोटे जलश्रोत प्रभावित होते हैं।
नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ राहत चौकियां पहले से सर्तक हैं। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी है।
– त्रिभुवन, एडीएम वित्त एवं राजस्व
कटान की आशंका, तटबंध बनाए जाने की मांग
परौर। मजरा मोहनपुर के पास रामगंगा ने फिर कटान के आसार बना दिए हैं। इससे मजरा मोहनपुर के लोग चिंतित हैं। लोगों का मानना है कि जहां पर कटान की शुरुआत होने वाली है, वहां पर तटबंध यदि नहीं बनाए गए तो ग्रामीणों को दिक्कत हो सकती है। रामशरण, सुमेर कश्यप, राजीव सिंह, मदनपाल सिंह, शराफत अली, राम रहीम, राजीव प्रजापति, परशुराम कश्यप, जीवाराम, शिवराम ने तटबंध बनाए जाने की मांग की है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील भास्कर ने बताया कि जिस स्थान पर कटान की संभावना है, उस स्थान का सर्वे कराकर कटान रोकने की उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि गांव मोहनपुर के लोगों ने नदी के किनारे मिट्टी खोदकर गड्ढे बना दिए हैं। इससे कटान बढ़ सकता है। संवाद