Shahjahanpur News: पूरे परिवार की हत्या कर डकैती डालने आए थे बदमाश, खौफजदा परिवार मांग रहा सुरक्षा

कटरा में अपने घर के बाहर बैठे आलोक के पिता सुधीर गुप्ता और भाई प्रशांत। संवाद
शाहजहांपुर। कटरा के घेर बाजार मोहल्ले में असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक गुप्ता की हत्या के बाद पूरा परिवार दहशत में है। परिजनों के मुताबिक, बदमाशों का इरादा पूरे परिवार को खत्म करना था। परिजनों ने फरार बदमाशों से जान का खतरा जताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
मंगलवार तड़के वारदात के बाद बृहस्पतिवार को भी कई रिश्तेदार और परिचित आलोक गुप्ता के घर पहुंचे और पिता सुधीर गुप्ता को सांत्वना दी। आलोक की पत्नी खुशबू अब भी बेसुध है। आलोक के छोटे भाई प्रशांत गुप्ता ने लगभग आधे घंटे तक चले खौफनाक घटनाक्रम को बयां किया।
प्रशांत ने बताया कि मंगलवार तड़के तीन से चार बजे के बीच पूरा परिवार सोया हुआ था। चार बदमाश छत के जरिये नीचे आए और कमरे में सो रहे आलोक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। आलोक की चीख पर भाभी खुशबू उठ गईं तो उन्हें भी चाकू मार दिया। चीख-पुकार सुनकर वह भागकर आया तो पीछे पीछे पिता सुधीर गुप्ता भी आ गए। उन लोगों ने शाहबाज को पकड़ने का प्रयास किया।
शाहबाज लगातार चाकू चलाता रहा। इससे उसे और पिता को भी कई जगह चाकू लग गया, लेकिन वे लोग उससे लड़ते रहे। शोरशराबा सुनकर पड़ोस के लोग घर के बाहर इकट्ठे होने लगे। खुद को घिरता देखकर शहरोज व अन्य दो बदमाश जीने से चढ़कर छत पर पहुंचे और वहां से गली में उतर गए।
मैंने और पिता सुधीर ने शाहबाज को दबोच लिया और 15-20 मिनट के संघर्ष के बाद उसका चाकू छीन पाए। प्रशांत के मुताबिक, चार के अलावा भी अन्य बदमाश वहां थे। कुछ छत पर बैठे हुए थे तो कुछ घर के सामने खड़े थे। पड़ोसियों के आने पर सब भाग गए। प्रशांत के मुताबिक, जिस तरह सो रहे आलोक पर बदमाशों ने चाकू से 25 वार किए, पत्नी पर चाकू चलाया, उससे लग रहा है कि बदमाश पूरे परिवार को मार डालने के इरादे से आए थे। प्रशांत ने शाहबाज के एनकाउंटर में मारे जाने पर संतुष्टि जताई और कहा कि शेष सभी बदमाश भी कड़ी से कड़ी सजा पाएं, तभी उनके भाई की आत्मा को शांति मिलेगी।
प्रशांत ने कहा- मंझले भाई की हो चुकी है 14 साल पहले संदिग्ध हालात में मौत
प्रशांत ने बताया कि फरार बदमाश काफी खूंखार है। उनसे उन्हें जान का खतरा है। व्यापार के सिलसिले में उन लोगों को बाहर भी जाना पड़ता है इसलिए पुलिस उन्हें सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराए। मंझले भाई की 13-14 साल पहले संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है और अब आलोक की हत्या हो गई। ऐसे में आलोक के केस की पैरवी के लिए वह और पिता ही हैं। आरोपी उन्हें हटाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। प्रशांत ने बताया कि आरोपी शहरोज पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन पुलिस दो दिन बाद भी उसके बारे में उन लोगों को कुछ नहीं बता रही।
सगीर और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
आलोक की पत्नी खुशबू ने कटरा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में भाजपा नेताओं के करीबी माने जाने वाले सगीर खां डभौरा को नामजद किया है। हालांकि परिवार सगीर खां से परिचित नहीं है। प्रशांत ने बताया कि उसे लोगों से मालूम हुआ है कि सगीर खां का संरक्षण शाहबाज और शहरोज को प्राप्त है। उसी के संरक्षण में दोनों वारदात को अंजाम देते थे। सपा नेता सरताज हत्याकांड में पुलिस ने शहरोज और शाहबाज को उठाया था, लेकिन सगीर ने दबाव बनाकर दोनों को छुड़वा दिया। प्रशांत के मुताबिक, अगर सगीर ने दोनों को उस समय न छुड़ाया होता और वे लोग जेल चले जाते तो आज उसका भाई जिंदा होता। इसी वजह से सगीर खां भी उनके भाई की हत्या का दोषी है। प्रशांत ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।