Shahjahanpur News: बजट है नहीं, प्रस्ताव पास, विकास कराने के लिए शासन से आस

नगर निगम शाहजहांपुर कार्यालय
शाहजहांपुर। नगर निगम बोर्ड की शनिवार को हुई पहली बैठक में सदन ने आनन-फानन आठ प्रस्तावों पर तो मुहर लगा दी लेकिन इन प्रस्तावों को पूरा करने के लिए बजट तय नहीं किया गया। अब नगर निगम पहले इन विकास कार्याें का एस्टीमेट बनाएगा फिर शासन से बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलने के बाद ही इन प्रस्तावों को अमलीजामा पहनाया जा सकेगा।
पालिका से नगर निगम बनने के पांच साल बाद यहां महापौर और पार्षदों को चुना गया है। अब तक नगर निगम पर प्रशासक का राज था, जिनके दिशा-निर्देश पर ही विकास कार्यों को कराया जा रहा था। इसके लिए बाकायदा बजट रहता था। यह बजट शासन से प्राप्त होने के साथ ही नगर निगम की अपनी आय पर भी निर्भर करता है लेकिन अब कमान महापौर के हाथों में आ गई है तो बिना बजट के ही विकास कार्य कराए जाने के प्रस्ताव पास हो रहे हैं। बगैर किसी बजट के विकास कार्यों को किस तरह से अमली जामा पहनाया जाएगा, यह विचारणीय हो गया है।
प्रस्ताव पास हो गए, अब तैयार होगा एस्टीमेट
– पहली बोर्ड बैठक में पास होने वाले प्रस्तावों पर काम कराने के लिए पहले से कोई एस्टीमेट तैयार नहीं करवाया गया। जिससे यह पता चल सके कि किस कार्य में कितना बजट खर्च होगा। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों को कराने के लिए पहले नाप-जोख कराई जाएगी, फिर एस्टीमेट बनेगा, इसके बाद बजट की मांग शासन से की जाएगी। शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद काम शुरू होंगे।
बैठक में ये प्रस्ताव हुए पास
– वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की मौजूदगी में हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में विकास कार्यों के आठ प्रस्ताव पास हुए। इनमें अमृत योजन के तहत शहर में सीवर लाइन का विस्तार किए जाने, अतिक्रमण का स्थायी समाधान निकालने, साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइटों की समस्याओं का निस्तारण कराने, सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने, पार्किंग को विकसित करने का प्रस्ताव शामिल है।
सभी प्रस्तावों पर पहले से चल रहा काम
– बोर्ड की पहली बैठक में जो प्रस्ताव पास हुए है, अधिकांश पर पहले से ही काम चल रहा है। जैसे सीवर लाइन डालने का काम है, हालांकि बोर्ड बैठक में इसको विस्तार दिए जाने का प्रस्ताव पास हुआ है। साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम हमेशा दावे करता रहता है। इसके लिए घर-घर कूड़ा उठान और नियमित सफाई का काम शामिल है। पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने का दावा भी होता है लेकिन हकीकत में जलापूर्ति सुचारू रूप से होने में सबसे बड़ी समस्या पाइपलाइन में लीकेज होना है। स्ट्रीट लाइटों की बात की जाए तो उनको सही कराने की तमाम शिकायतें नगर निगम में पहुंचती है। सड़कों की स्थिति बहुत ही दयनीय है। एक तरफ सड़क बनाई जाती है, दूसरी ओर सीवर लाइन डालने के लिए उनको खोदकर छोड़ दिया जाता है।
चुनावी वादों पर आधारित रही पहली बैठक
– नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक चुनावी वादों पर आधारित रही। चुनाव के दौरान यही दावे किए गए कि शहर के विकास पर ध्यान दिया जाएगा। नगरवासियों को समस्याओं का समाधान होगा। महानगरों को मिलने वाली सुविधाएं यहां प्रदान की जाएगी। इनमें बेहतर सड़के, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण, उत्तम प्रकाश व्यवस्था, सीवर की समस्या और अतिक्रमण से छुटकारा व पार्किंग व्यवस्था को ठीक करना प्राथमिकता होगी। बोर्ड की बैठक में भी इन्हीं आठ कार्यों को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कराए गए।
चुनाव के दौरान जनता से जो दावे और वादे किए थे, अब उनको अमलीजामा पहनाने का समय आ गया है। बिना किसी भेदभाव के लिए महानगर का विकास कराया जाएगा। बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हुए है, उनको धरातल पर उतारने के लिए जुट गए हैं। – अर्चना वर्मा, महापौर
नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक में आठ प्रस्ताव पास हुए है। इन सभी पर कार्य करवाया जाएगा। इसके लिए पहले से कोई बजट तय नहीं हुआ है। लेकिन अब नाप जोख कराकर, एस्टीमेट तैयार होगा। फिर बजट की मांग होगी। नगर निगम अपनी आय से भी विकास कार्यों को गति देगा। – संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त