शाहजहाँपुर

Shahjahanpur News: बाघिन ने मारी गाय, आक्रोशित ग्रामीणों ने रेंजर को घेरा

Connect News 24

Tigress kills cow, angry villagers surround ranger

गांव राठ में बा​घिन के हमले में  गाय की मौत  के बाद  मौके  पर लगी भीड़ और मौजूद पुलिसकर्मी। संव

खुटार (शाहजहांपुर)। बाघिन को जंगल में खदेड़ने का वन विभाग का दावा फेल हो गया। गांव राठ में प्राथमिक स्कूल के पास सोमवार सुबह बाघिन ने छुट्टा गाय को मार डाला। जानकारी मिलने पर रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें काफी देर घेरकर हंगामा किया।

खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट के पश्चिम-दक्षिण के गांवों के पास एक बाघिन तीन शावकों के साथ घूम रही है। 29 दिसंबर को उसने गांव रायपुर पटियात के पूर्व प्रधान विजय सिंह के खेत के पास एक सांड़ को मार डाला था। इसके बाद बाघिन गन्ने की छिलाई कर रहे श्रमिकों की ओर गई तो श्रमिक शोर मचाकर भाग निकले थे। इसके बाद रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने 30 दिसंबर को दावा किया था कि बाघिन को पटाखे आदि दगाकर जंगल में खदेड़ दिया गया है।

इस दावे के विपरीत सोमवार सुबह बाघिन गांव राठ पहुंच गई। प्राथमिक स्कूल के पीछे खेत में छुट्टा पशु पर हमला कर उसे मार डाला। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो बाघिन गन्ने के खेतों में चली गई। इसके बाद गांव राठ, रायपुर पटियात, कुभियां, बरवटपुर, गेहुंआ आदि के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए और वन कर्मियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पाकर पुलिस और वनकर्मी मौके पर पहुंचे और गाय का शव देखकर पग मार्क ट्रेस किए जब रेंजर मनोज कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उनका घेराव कर लिया। बाघिन को जंगल में खदेड़े जाने की गलत सूचना देने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। ग्रामीणों की मांग थी कि बाघिन को तलाश कर जंगल में नहीं खदेड़े जाने तक रेंजर और वन कर्मियों को मौके से जाने नहीं दिया जाएगा। पुलिस और वन कर्मियों ने किसी तरह ग्रामीणों को शांत किया। उधर, बाघिन के गन्ने के खेत में ही मौजूद होने की जानकारी पर ग्रामीणों ने पुलिस के साथ मिलकर पटाखे दागे लेकिन बाघिन का पता नहीं चल सका।

राइफल लेकर खड़े होते हैं खेत स्वामी तब श्रमिक करते हैं गन्ने की छिलाई

गांव रायपुर पटियात, राठ, कुभियां माफी, बरवटपुर, रसवां कलां, गेहुंआ आदि में बाघिन की दहशत इस कदर है कि श्रमिक गन्ने की छिलाई से मना कर रहे हैं।

उनका कहना है कि जिस तरह बाघिन गांवों के पास घूम रही है, इससे उनको खेतों में काम करते समय भारी खतरा है। श्रमिकों के मना करने से गन्ना छिलाई का काम प्रभावित होने लगा है। कई खेत स्वामी राइफल और बंदूक लेकर खेत में बाघिन की निगरानी करते हैं। वहीं, दो श्रमिक शोर शराबा करते रहते हैं तब ही अन्य श्रमिक गन्ने की छिलाई का काम करते हैं। किसानों ने बताया कि गन्ना समिति लगातार पर्ची जारी कर गन्ने की सप्लाई के लिए कह रही है, लेकिन श्रमिकों के मना करने से गन्ने की छिलाई नहीं हो पा रही। उधर, वनकर्मी कांबिग के झूठे दावे कर रहे हैं।

जेसीबी से रौंदी फसल, नाराज हुए किसान

मृत गाय के शव का उठाने के लिए वनकर्मियों ने जेसीबी बुलाई। जेसीबी चालक फसलों को रौंदता हुआ गाय के शव की ओर बढ़ा तो किसान भड़क उठे। किसान रौंदी गई फसल का मुआवजा मांगने लगे। पुलिस ने बमुश्किल किसानों को शांत किया। इसके बाद गाय के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद दफना दिया गया।

यदि बाघिन आबादी क्षेत्र से जंगल की ओर नहीं जा रही है तो टीमें गठित कर बाघिन को बहुत जल्द जंगल की ओर खदेड़ा जाएगा। वन कर्मियों को कांबिंग करने और स्थिति पर निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रखर गुप्ता, डीएफओ, शाहजहांपुर


Connect News 24

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button