Shahjahanpur News: प्रवेश के लिए समय खत्म, कॉलेज की सीटें खालीं
शाहजहांपुर। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध जीएफ कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया पांच अक्तूबर को खत्म हो गई। छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित न रह जाएं, इसके लिए तिथि भी कई बार बढ़ाई गई। उसके बाद भी कॉलेज की काफी सीटें खाली रह गईं। विशेषज्ञों के अनुसार, छात्र-छात्राओं का रुझान प्रोफेशनल कोर्स की तरफ होने के चलते सीटें रिक्त रह गई हैं।
कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने के बाद छात्र-छात्राओं की काफी भीड़ उमड़ी थी। विद्याथियों ने रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अपने फॉर्म भर दिए। विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए कई बार प्रवेश की तिथियों को बढ़ाया गया। उसके बाद भी कॉलेज की सीटें खाली रह गईं।
जीएफ कॉलेज में एमए इकनॉमिक्स की 80 सीटों में मात्र 29 ही भरी हैं। इसी तरह एमए हिंदी में 60 सीटें हैं, जिसमें 50 पर ही दाखिले हुए हैं। एमए इतिहास में एक सीट रिक्त रह गई। इसके अतिरिक्त राजनीति विज्ञान की कॉलेज में 60 सीटें हैं, जिसमें 26 पर ही एडमिशन हुआ।
आर्ट और पेंटिंग में कम हो गई रुचि
-आर्ट और पेंटिंग की ओर भी युवाओं का रुख कम हो गया है। छात्र-छात्राओं की रुचि इस विषय की ओर कम होने लगी है। कॉलेज में 60 सीटों में मात्र 30 ही भर पाई हैं। आधी सीटें खाली होने पर कॉलेज के शिक्षक भी चितिंत हैं।
सेमेस्टर सिस्टम से परेशान छात्र-छात्राएं
नई शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर व्यवस्था को लागू कर दिया। इसके चलते छात्रों के लिए काम बढ़ गया। बार-बार फॉर्म भरने समेत अन्य नियम के चलते उन्हें काफी दिक्कताें का सामना करना पड़ता है। इसके चलते वह तकनीकी शिक्षा की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
लखनऊ यूनिवर्सिटी ने सीतापुर और लखीमपुर के कॉलेजों को संबद्धीकरण दे दिया है। अन्य दुश्वारियों के चलते भी विद्यार्थी प्रवेश नहीं ले रहे हैं। वह तकनीकी शिक्षा की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
डॉ. मोहम्मद तारिक, प्राचार्य, जीएफ कॉलेज

