Shahjahanpur News: वेंडिंग जोन खाली पड़े, सड़कों पर अतिक्रमण से लग रहा जाम
शाहजहांपुर। नगर निगम ने स्ट्रीट वेंडरों के लिए शहर में तीन स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाए हैं। इसका मकसद था कि सभी को एक स्थान पर बैठने के लिए दुकानें उपलब्ध कराई जाएं। इससे शहर में सड़क किनारे ठेले-फड़ से होने वाले अतिक्रमण से मुक्ति मिल सकेगी, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ। वेंडिंग जोन खाली पड़े हैं। ठेला और रेहड़ी वाले सड़क पर अतिक्रमण किए हैं। नगर निगम की ओर से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इससे शहर में जाम की समस्या बनी रहती है।
नगर निगम की ओर से शहर में पुराना गर्रा पुल पर पहला वेंडिंग जोन बनाया गया था। इस वेंडिंग जोन में पहले 30 दुकानें बनाईं गईं। बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 60 कर दी गई। इस पर करीब 15 लाख रुपये की लागत आई। दुकानों के आवंटन के लिए पांच हजार रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा कराने का प्रावधान रखा गया। प्रति दुकान तीन सौ रुपये महीना किराया रखा गया।
जब यह वेंडिंग जोन बनकर तैयार हुआ तो दुकानदारों ने दुकानें आवंटित करा लीं, लेकिन धीरे-धीरे दुकानें खाली होती गईं। बाद में इन दुकानदारों ने सड़क किनारे कब्जा कर लिया। दुकानदारों का कहना है कि वेंडिंग जोन में लोग खरीदारी करने के लिए कम ही आते हैं, इसलिए दुुकानें खाली कर दीं और सड़क के किनारे दुकानें चलाने लगे।
स्टेशन रोड स्थित कुछ दुकानें चल रहीं
स्टेशन रोड स्थित भारद्वाजी कॉलोनी के पास नगर निगम ने वेंडिंग जोन बनाया। इसमें 35 दुकानें बनाईं गईं। इसकी लागत करीब 15 लाख रुपये आई। यहां भी कुछ गिनी-चुनी दुकानों को लोगों ने किराए पर लिया है। यहां भी कई दुकानें बंद हैं।
निगोही रोड पर बनीं 54 दुकानें खाली
नगर निगम ने निगोही रोड पर गदियाना चुंगी के पास 54 दुकानें बनवाईं हैं। इसकी लागत करीब 40 लाख रुपये आई। यहां पर स्ट्रीट वेंडरों ने दुकानें आवंटित नहीं कराईं। नगर निगम के अधिकारियों ने अभी आवंटन की प्रक्रिया ही शुरू नहीं की है, जबकि गदियाना चुंगी के पास सड़क पर स्ट्रीट वेंडरों का कब्जा होने की वजह से अक्सर जाम लगता रहता है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि निकाय चुनाव के बाद दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वर्जन-
नगर निगम की ओर से वेंडिंग जोन में बनाई गई दुकानों को आवंटित कराने के लिए पांच हजार रुपये सिक्योरिटी रूप में और तीन सौ रुपये माह किराया लिया जाता है। स्ट्रीट वेंडर सिक्योरिटी और दुकान का किराया देना नहीं चाहते हैं। जिसकी वजह से अधिकतर दुकानें खाली हैं। – मधुसुदन लाल आर्य, सहायक नगर आयुक्त।