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Shahjahanpur News: जलमग्न गांवों में भोजन-पानी को तरसे ग्रामीण

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Villagers yearn for food and water in submerged villages

मिर्ज़ापुर के बाढ़ग्रस्त ग्राम मस्जिद नगला में कीचड़ के बीच तिरपाल के नीचे खाना बनाता एक परिवार। ब

दो हजार गांवों में 27 हजार से अधिक आबादी प्रभावित, प्रशासन के इंतजाम भी नाकाफी

संवाद न्यूज एजेंसी

शाहजहांपुर/मिर्जापुर। कलान तहसील के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों के सामने सिर छुपाने की जगह, भोजन-पानी और इलाज का संकट है। बारिश ने जलमग्न गांवों में रह रहे लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी है। उनके सामने खाना बनाना भी चुनौती बन गया है।

गंगा की बाढ़ में दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं। इसमें 27 हजार से अधिक लोग गांवों में बाढ़ में फंसे हुए हैं। इसमें मुख्य रूप से आजाद नगर, मस्जिद नगला, पैलानी उत्तर, बांसखेड़ा, कटैला नगला, इस्लामनगर, गुट्टी उत्तर आदि गांवों में ग्रामीण शामिल हैं। इन गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है।

प्रशासन की ओर से दी जाने वाली राशन किट और लंच पैकेट भी इन गांवों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोग छतों पर तिरपाल डालकर रहने को मजबूर हैं। हालांकि गंगा के जलस्तर में कमी आई है। जलालाबाद-ढाईघाट शमशाबाद स्टेट हाईवे पर चल रहा पानी कम हो रहा है। इसके बाद भी जलमग्न गांवों में अभी राहत नहीं पहुंची है।

एसडीएम महेश कुमार कैथल, नायब तहसीलदार पंकज कुमार के साथ लगातार बाढ़ पीड़ितों से मिलकर भोजन, पानी और बीमार होने पर दवा मिलने की जानकारी कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी एसडीएम आश्रय स्थल और हाईवे किनारे पड़े बाढ़ पीड़ितों से मिले और खाने के पैकेट मिलने की जानकारी की। उन्होंने बच्चों को बिस्कुट के पैकेट भी दिए, लेकिन नाव से जलमग्न गांवों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

डेढ़ माह से अधिक समय से बाढ़ में घिरे ग्राम आजाद नगर, इस्लामनगर, मस्जिद नगला, कटैला नगला, पैलानी उत्तर, बटन नगला, मोती नगला, लोहार नगला, अभिचारपुर, बांसखेड़ा, पकड़िया नगला, भरतपुर, पंखिया नगला, धोबियन नगला, अंटा, याकुतपुर, डड़िया, बख्तावरगंज, गुटेटी उत्तर, धीयरपुरा आदि गांवों में आमजन का पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है। राजस्वकर्मी भी लंच पैकेट नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह ने बताया कि राशन किट से वंचित रहे ग्राम पंचायत पैलानी उत्तर के मजरा बटन नगला, मोती नगला, ग्राम पंचायत गुटेटी उत्तर के मोहकमपुर, महोलिया और ग्राम पंचायत भरतपुर के मजरों के बाढ़ पीड़ितों को बांटने के लिए बृहस्पतिवार को 500 राशन किट आ गई है। इन्हें अधिकारियों के परामर्श से वितरित किया जाएगा। इसके बाद भी जो बाढ़ पीड़ित राशन किट से वंचित रह जाएंगे, उनके लिए और मांग भेजी जाएगी।

राजस्व निरीक्षक ने बताया कि बृहस्पतिवार को ढाईगांव के आश्रय स्थल और हाईवे किनारे आश्रय लिए बाढ़ पीड़ितों को सुबह 324 लंच पैकेट वितरित किए गए। शाम को लंच पैकेट बढ़ जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जलमग्न गांवों में लंच पैकेट नहीं पहुंच पा रहे हैं। जो बाढ़ पीड़ित रोड पर आ जाते हैं, उन्हें सुबह-शाम के लिए लंच पैकेट दे दिए जाते हैं।

लगातार हो रही बारिश बनी परेशानी का सबब

तीसरे दिन भी हुई झमाझम बारिश हुई। ऐसे में छतों और सड़कों पर आश्रय लिए बाढ़ पीड़ित तिरपाल के नीचे अपनी गृहस्थी के साथ खुले में मौका मिलने पर चावल बनाकर पेट भरते दिखे। इधर, दूषित पेयजल पीने और भोजन में अधिकांश चावल खाने से जुकाम, खांसी, बुखार और चर्म रोग का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में अधिक परेशान होने पर रोगी पानी और कीचड़ से निकलकर ढाईगांव के आश्रय स्थल में लगे स्वास्थ्य शिविर से दवा लेने आते हैं।

अब रामगंगा नदी में बाढ़ आने की चेतावनी

कालागढ़ रामगंगा बांध के अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार ने डीएम को पत्र के माध्यम से बताया है कि पहाड़ों में बारिश होने की वजह से कालागढ़ बांध पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसको देखते हुए कभी भी रामगंगा नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा सकता है। इसके लिए चेतावनी जारी की गई है।

रामगंगा, गर्रा और खन्नौत का बढ़ा जलस्तर

बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के अनुसार रामगंगा का जलस्तर बुधवार को 159.890 मीटरगेज था, जो कि बृहस्पतिवार को बढ़कर 160.200 मीटरगेज हो गया। गर्रा नदी का जलस्तर बुधवार को 145.20 मीटरगेज था, जो कि बृहस्पतिवार को 145.60 मीटरगेज हो गया। खन्नौत नदी का जलस्तर बुधवार को 143.75 मीटरगेज था, जो कि बृहस्पतिवार को बढ़कर 144.45 हो गया। गंगा के जलस्तर में गिरावट आई है। बृहस्पतिवार को गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1, 26, 978 क्यूसेक, रामगंगा में विभिन्न बैराजों से 51, 264 क्यूसेक, गर्रा में 4,774 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

जनप्रतिनिधियों की राह देख रहे बाढ़ पीड़ित

2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा जलालाबाद से जीती थी। 2019 में भाजपा से सांसद अरुण सागर बड़े अंतर से जीते। इसके बावजूद जब कलान तहसील की जनता बाढ़ से जूझ रही है तो नजर नहीं आ रहे हैं। जलालाबाद विधायक हरिप्रकाश वर्मा ने बताया कि वह पार्टी के काम से इस समय मध्य प्रदेश में हैं। उनके छोटे भाई शिवप्रकाश वर्मा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बाढ़ क्षेत्र में लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं। 30 अगस्त को लौटने के बाद बाढ़ क्षेत्रों में जाकर लोगों की मदद करेेंगे। सांसद अरुण कुमार सागर ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से जिले से बाहर चल रहे थे। शुक्रवार और शनिवार को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का भ्रमण करके लोगों की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करेंगे।

मिर्ज़ापुर के बाढ़ग्रस्त ग्राम मस्जिद नगला में कीचड़ के बीच तिरपाल के नीचे खाना बनाता एक परिवार। ब

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