Shahjahanpur News: बहगुल तथा रामगंगा नदियों पर पैंटून पुल बनाने के काम ने पकड़ी तेजी

पैंटून पुल बनाने में जुटे मजदूर। संवाद
दिवाली तक यहां से चौपहिया वाहनों का आवागमन शुरू होने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। बहगुल तथा रामगंगा नदियों पर पैंटून पुल बनाने के काम ने तेजी पकड़ ली है। उम्मीद है कि दिवाली तक यहां से चौपहिया वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। जिससे आवागमन की सहूलियत बढ़ने के अलावा मिर्जापुर, कलान व कायमगंज इलाके से लेकर जलालाबाद क्षेत्र तक व्यापारिक गतिविधियों को भी पुनः रफ्तार मिल सकेगी।
पैंटून पुल की शुरुआत और अंतिम छोर पर सपोर्ट में लगाने को रेत से बोरियां भरने का काम दो दिन में पूरा कर लेने के बाद रविवार से पुल निर्माण और बरसात के दौरान उबड़-खाबड़ हुए रास्ते को समतल करने के काम ने तेजी पकड़ ली।
बीते साल एक ही पुल से आवागमन होने से अक्सर जाम लगने के अलावा बार-बार पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई थी। जिसको देखते हुए इस बार दो पैंटून बनना प्रस्तावित हैं। इस बार जो नया पैंटून बन रहा है वह पक्के पुल के बिल्कुल नजदीक है।
बता दें कि बीते जुलाई माह में पैंटून पुल हट जाने के बाद चार महीने चौपहिया वाहनों को मिर्जापुर-कलान तक पहुंचने के लिए वाया फर्रुखाबाद के राजेपुर, अमृतपुर होकर करीब अस्सी किलोमीटर से ज्यादा दूरी का चक्कर लगाकर जाना हो रहा था।
इसके अलावा किसानों को अपनी उपज की बिक्री के लिए जलालाबाद के बजाय बदायूं या फर्रुखाबाद जाना मजबूरी बन गई थी। पुल न होने से सब्जी व आलू के थोक व्यापार पर काफी असर पड़ रहा था। कमोवेश यही हाल तमाम तरह के व्यापार करने वाले उन थोक व्यापारियों का था जिन्हें माल ढुलाई की कीमत दो गुनी देना पड़ती थी।
सब्जी की थोक मंडी जलालाबाद आसपास क्षेत्रों की अपेक्षा काफी बड़ी होने के कारण सीमावर्ती जनपद बदायूं के अलावा फर्रुखाबाद के कायमगंज इलाके तक के व्यापारी यहां आकर खरीदारी कर अपने क्षेत्र तक ले जाते थे। चौपहिया वाहन बन्द हो जाने से यह कारोबार लगभग ठप पड़ा था जिससे दोनों ओर के लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था।

